बुधवार को हिन्दुस्तानी एकेडेमी सभागार में वर्तमान से मिलने, बतियाने अतीत आया। एकेडेमी के 90वें स्थापना दिवस समारोह में एक बार फिर एकेडेमी का सफरनामा पृष्ठ दर पृष्ठ पढ़ा, सुना, सहेजा गया। हिन्दुस्तानी की परिभाषा फिर रेखांकित की गई। बतौर अध्यक्ष नेहरू ग्राम भारती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो केबी पांडेय ने कहा, हमें हिन्दुस्तानी बनकर जीना चाहिए। जब हम हिन्दुस्तानी कहते हैं तो न हिन्दी रह जाती है न उर्दू।
मुख्य अतिथि यायमूर्ति गिरिधर मालवीय ने कहा कि हिन्दी-उर्दू के साथ अन्य सभी क्षेत्रीय भाषाओं के मिलेजुले रूप को हिन्दुस्तानी कहना चाहिए। वरिष्ठ साहित्यकार दूधनाथ सिंह ने डॉ. धीरेन्द्र वर्मा जैसे विद्वानों ने इसे समृद्ध किया। आरंभ में वरिष्ठ कवि नंदल हितैषी ने ‘हिन्दुस्तानी एकेडेमी: अतीत और वर्तमान’ विषयक व्याख्यान के तहत स्थापना से लेकर अब तक की यात्रा को बखूबी रेखांकित किया। संयोजन, संचालन एकेडेमी के कोषाध्यक्ष रविनंदन सिंह और धन्यवाद ज्ञापन कार्यकारी सचिव नरेंद्र प्रताप सिंह ने किया।
स्थापना दिवस पर हिन्दुस्तानी एकेडेमी की ओर से न्यायमूर्ति गिरिधर मालवीय और प्रोफेसर केबी पांडेय ने रचनाधर्मिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए वरिष्ठ कवि-पत्रकार अजामिल, डॉ.देवी प्रसाद कुंअर, डॉ.रामजी मिश्र, डॉ.सुखदेव प्रसाद, शम्भूनाथ त्रिपाठी ‘अंशुल’, डॉ. मधुरिमा प्रसाद, शिवराम उपाध्याय ‘मुकुल’, डॉ. शारदा पाण्डेय, रामचन्द्र गुप्त, फूलचंद्र दुबे,प्रभाकर द्विवेदी ‘प्रभामाल’, डॉ.अशरफ अली बेेग, डॉ आनंद प्रकाश श्रीवास्तव के अतिरिक्त उर्दू अदब की खिदमत के लिए डॉ.फाजिल हाशमी को सम्मानित किया गया। इन्हें शाल ओढ़ाने के बाद स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
न्यायमूर्ति गिरिधर मालवीय और प्रोफेसर केबी पांडेय ने एकेडेमी कर्मचारियों गोपालजी पांडेय, ज्योतिर्मयी, रतन पाण्डेय, अमित सिंह, सुनील कुमार, मोहसिन खाँ, संतोष कुमार तिवारी, अंकेश कुमार श्रीवास्तव, अनुराग ओझा, रामअचल मिश्रा, रामकिशुन, ओम प्रकाश मौर्या, विजय बहादुर सिंह, सुनैना सिंह, शशिपाल, रामखेलावन, मिठाई लाल, शैलेद्र शरण श्रीवास्तव, सुनीता को भी सम्मानित किया।
सांगीतिक संध्या ‘रसरंग’ के तहत पूजा सिंह और नीरज सिंह सहित नितेश व रितिक, नवीन शक्ति डांस ग्रुप, प्रिया तिवारी, अंकिता चतुर्वेदी मालवीय, कथक नृत्यांगना पद्मा सिंह, लिटिल चैम्प फेम लक्ष्मी श्रीवास्तव, उद्देश्य सिंह, शिखा त्रिपाठी आदि ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधा। शिव महिमा नृत्य संगीत केंद्र की ओर से सत्यभामा, रुक्मिणी प्रसंग पर मनभावन समूह नृत्य किया। कलाकारों को भी सम्मानित किया गया। संजय पुरुषार्थी ने प्रभावपूर्ण तरीके से संचालन किया। संगीत निर्देशन गायक-गिटारिस्ट नीरज सिंह ने किया।