नौ रोज पहले कैंट इलाके से अगवा ज्योतिषाचार्य हेमंत शर्मा उर्फ चंदन को क्राइम ब्रांच ने कोरांव इलाके में बरामद कर दो अपहर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मोटरसाइकिल के साथ ही फिरौती मांगने में इस्तेमाल मोबाइल फोन भी जब्त किया है। पुलिस को इस घटना में शामिल पांच लोगों की तलाश है। पुलिस का दावा है कि नौकरी के नाम पर हड़पे गए पैसों के चक्कर में यह अपहरण हुआ था। इसमें एक आरोपी कोरांव बाकी छह सतना जनपद के रहने वाले हैं।
जबलपुर में आर्डिनेंस डिपो से रिटायर भगवान शर्मा के पुत्र हेमंत शर्मा सतना में नौकरी के साथ ही ज्योतिष का भी काम करते हैं। उन्होंने सिविल लाइंस में फ्लैट किराए पर ले रखा है। 21 अप्रैल की शाम वह एक महिला और लड़के के साथ कार में कैंट इलाके से गुजर रहे थे तभी उन्हें दूसरी कार में खींच लिया गया। अपहरण का हल्ला मचा तो पुलिस पहुंची थी। पिता की तहरीर पर गुमशुदगी लिखकर पुलिस तलाश में जुटी थी अपहर्ता फिरौती के लिए फोन करने लगे। अपहर्ताओं ने 25 लाख रुपये से फिरौती की शुरूआत की। आखिर में वे शनिवार को साढे़ तीन लाख रुपये पर राजी हुए।
शनिवार को ही कैंट थाने में फिरौती के लिए अपहरण का केस लिखकर क्राइम ब्रांच को भी धरपकड़ में लगा दिया गया। मोबाइल सर्विलांस से अपहर्ताओं की लोकेशन यमुनापार में कोरांव इलाके में मिली। शाम को कैंट थाना प्रभारी राकेश अवस्थी के साथ क्राइम ब्रांच टीम अगवा ज्योतिषाचार्य हेमंत के पिता भगवान शर्मा के साथ कोरांव पहुंच गए। बदमाशों ने हेमंत के पिता को फिरौती की रकम लेकर कोरांव में रवनिया गांव के पास बुलाया। क्राइम ब्रांच ने रवनिया गांव के पास घेरकर बाइक सवार दो अपहर्ताओं को गिरफ्तार करने के साथ ही बाइक पर बीच में बैठे हेमंत को बरामद कर लिया। पुलिस ने बाइक के साथ ही पकड़े गए दो अपहर्ताओं के कब्जे से फिरौती मांगने में इस्तेमाल मोबाइल जब्त कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में सोहागी रीवा का दिनेश मिश्रा और कोरांव में रवनिया गांव का भारतलाल शुक्ला है। उनसे पूछताछ में मालूम हुआ कि सतना जनपद के रजनीश शुक्ला, उसका भाई पंकज शुक्ला, शिवांजल सिंह, विनोद सिंह उर्फ पुष्पराज और सोहागी रीवा का विमल तिवारी भी अपहरण कांड में शामिल हैं। वे फरार हो गए हैं। इनमें सतना निवासी विनोद के घर में ज्योतिषाचार्य हेमंत किराए पर रहते थे। गिरफ्तार आरोपियों का कहना है कि हेमंत ने अपने पिता की आर्डिनेंस फैक्ट्री में नौकरी लगाने का भरोसा देकर कई लोगों से पैसे लिए थे। वे लोग पैसे वापस मांग रहे हैं इसलिए वे हेमंत को बुलाकर ले गए थे बंधक बनाकर पिता से फिरौती मांगी।
-हेमंत ने बताया कि कैंट इलाके में उन्हें कार में खींचने के बाद अपहर्ता चाकघाट ले गए। वहां कुछ देर ठहरने के बाद दूसरी गाड़ी में बंधक बनाकर सतना ले जाया गया। उन्हें आबादी से दूर एक कमरे में तीन दिन बंद रखा गया। हाथ-पैर रस्सी से बंधे रहते थे। 25 अप्रैल को पुलिस टीम खोजते हुए सतना पहुंची तो कमरे से निकालकर अपहर्ता उन्हें एक रोज तक गाड़ी में लेकर यहां-वहां घूमते रहे। फिर हेमंत को कोरांव के रवनिया में दिनेश मिश्र के यहां लाया गया।