सिविल लाइंस पत्थर गिरजाघर स्थित धरना स्थल पर आइसा कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन।
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ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (आइसा) ने दिल्ली में प्रतियोगी छात्रों पर किए गए लाठीचार्ज के विरोध में धरना प्रदर्शन किया। गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इस्तीफे की मांग की गई। सिविल लाइंस पत्थर गिरजाघर स्थित धरना स्थल पर जुटे आइसा कार्यकर्ताओं ने कहा कि एसएससी भर्ती परीक्षा में सुधार, पारदर्शिता और भ्रष्टाचार मुक्त प्रक्रिया को बनाए जाने के लिए दिल्ली में चल रहे अभ्यर्थियों के आंदोलन पर दिल्ली पुलिस द्वारा की गई दमनात्मक कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आइसा ने एसएससी अभ्यर्थियों पर किए गए लाठीचार्ज और गिरफ्तारी के लिए गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार मानते हुए इस्तीफे की मांग की। एसएससी के अभ्यर्थी लगातार भर्ती प्रक्रिया में सुधार, उत्तरदायित्व तथा पारदर्शिता की मांग को लेकर के दिल्ली के रामलीला मैदान में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं जो उनका मौलिक अधिकार है। अपनी लोकतांत्रिक मांग को उठा रहे अभ्यर्थियों के ऊपर लाठी चलाना भाजपा के संविधान विरोधी, रोजगार विरोधी और युवा विरोधी चरित्र को दर्शाता है।
आइसा ने "ठीक करो तीन काम विज्ञापन,परीक्षा और परिणाम" के नारे के साथ परीक्षा में सुधार करने की मांग उठाई है। आइसा प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार ने कहा कि मोदी सरकार लगातार युवा और रोजगार विरोधी काम करती जा रही हैं। अब तो इसका स्वरूप रोजगार मांग रहे युवाओं के प्रति और हिंसक होता जा रहा हैं जो न सिर्फ शर्मनाक हैं बल्कि इसके खिलाफ युवा एकजुट होकर इनके युवा व रोजगार विरोधी विरोधी मंसूबे को ध्वस्त करेंगे। आरवाईए प्रदेश सचिव सुनील मौर्य ने कहा कि भाजपा संविधान को नहीं मानती हैं इसीलिए इसे संवैधानिक तरीके से अपना अधिकार मांग रहे युवाओं के साथ अपराधी की तरफ व्यवहार कर रही हैं जिसे लोग कभी भी बर्दाश्त नहीं करेंगे। प्रदर्शन में राधा, भानु, सोनू, सूरज, धीरज यादव आदि मौजूद थे।