हिमांशु के साथ आए दोस्तों ने बताया कि नदी में लगाई गई डीप वाटर बैरिकेडिंग पीछे की तरफ खिसक गई थी। तभी उन लोगों को गहरे पानी का अंदाजा नहीं लग पाया। बैरिकेडिंग को रोकने के लिए जो रस्सी बांधी गई थी वह खुली हुई थी।
अरैल सेल्फी प्वॉइंट पर मंगलवार सुबह दोस्तों के साथ यमुना नदी में नहाने पहुंचा एयरफोर्स कर्मी का 18 वर्षीय बेटा गहरे पानी में समा गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीन घंटे बाद उसके शव को बाहर निकाला।
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एयरफोर्स में एनसी के पद पर तैनात बलवंत यादव का पुत्र हिमांशु यादव अपने दोस्त शिवम निवासी प्रीतम नगर, आदर्श व अरविंद निवासी बमरौली के साथ स्कूटी और बाइक से सुबह साढ़े पांच बजे के आसपास अरैल सेल्फी प्वॉइंट पर नहाने पहुंचे थे। सभी पक्के घाट से नदी में उतरे। हिमांशु जैसे आगे बढ़ा वह गहरे पानी में डूबने लगा, दोस्तों ने शोर मचाया लेकिन तब तक वह गहरे पानी में समा चुका था।
सूचना पर कुछ देर में जल पुलिस के गोताखोर व नैनी पुलिस मौके पर पहुंची। पहले नदी में जाल डाला गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद गोताखोर नदी में उतरे। कुछ ही देर में उसके परिवार वाले और परिचित पहुंच गए। सवा नौ बजे गोताखोरों ने उसके शव को नदी से बाहर निकाला। परिवार के उसे लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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पीछे खिसक गई थी डीप वाटर बैरिकेडिंग
हिमांशु के साथ आए दोस्तों ने बताया कि नदी में लगाई गई डीप वाटर बैरिकेडिंग पीछे की तरफ खिसक गई थी। तभी उन लोगों को गहरे पानी का अंदाजा नहीं लग पाया। बैरिकेडिंग को रोकने के लिए जो रस्सी बांधी गई थी वह खुली हुई थी। इनका आरोप है कि वहां मौजूद जल पुलिस के जवान पक्के घाट पर बनी गुमटी में बैठे हुए थे, शोर मचाने पर भी कोई तत्काल मौके पर नहीं पहुंचा। हिमांशु के रिश्तेदारों ने बताया कि वह दो भाई और दो बहन में सबसे बड़ा था। इंटर पास करने के बाद वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था।