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इलाहाबाद हाईकोर्ट की टिप्पणी: एफआईआर पर विवेचना करें, पूरे परिवार को परेशान नहीं

Tue, 13 May 2025 11:03 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज

सार

यह आदेश न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा व न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना ने आजमगढ़ निवासी महिला व अन्य की याचिका पर दिया है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आजमगढ़ के कोतवाली थाने में दर्ज एक एफआईआर के बाद पुलिस की ओर से पूरे परिवार को कथित रूप से परेशान करने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप किया है। कहा कि एफआईआर दर्ज होने पर पुलिस विवेचना करे, पूरे परिवार को परेशान नहीं।

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यह आदेश न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा व न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना ने आजमगढ़ निवासी महिला व अन्य की याचिका पर दिया है। महिला के बेटे के विरुद्ध कोतवाली थाने में 21 अप्रैल, 2025 को नाबालिग का अपहरण करने के आरोप में मुकदमा दर्ज है। इसके बाद पुलिस ने कथित तौर पर महिला, उसके पति व बेटे को परेशान करना शुरू कर दिया। इससे परेशान महिला ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर पुलिस की ओर से की जा रही अनावश्यक पूछताछ और उत्पीड़न को रोकने की गुहार लगाई थी।

याची अधिवक्ता सुधीर कुमार सिंह ने न्यायालय के समक्ष पुलिस की कार्रवाई को अनुचित बताते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत विवेचना की प्रक्रिया पूरी करने की बात कही। कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद याचिका निस्तारित कर दी।

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