15 दिन पहले हुई घटना पर क्यों नहीं हुई कार्रवाई
वायुसेना कैंपस में गोली मारकर मौत के घाट उतारे गए कमांडर वर्क इंजीनियर की सुरक्षा को लेकर बड़ी लापरवाही की बात सामने आई है। कहा जा रहा है कि अगर 15 दिन पहले हुई घटना पर एक्शन लिया जाता तो शायद हमलावर पहले ही पकड़ में होता। 15 दिन पहले भी उनके घर का दरवाजा तोड़ने की कोशिश हुई थी। यह बात खुद पुलिस को अफसर के करीबियों ने बताई है। हालांकि, इस मामले में कोई एक्शन नहीं लिया गया। सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि अफसर इस मामले की एफआईआर दर्ज कराना चाहते थे, लेकिन उन्हें रोक दिया गया।
कहा गया कि फुटेज आदि की जांच कर जल्द ही बदमाशों को ट्रेस कर लिया जाएगा। इसके बाद ही उन्होंने अपने घर के बाहर सीसीटीवी कैमरा लगवाया। कहा जा रहा है कि उस घटना को लेकर लापरवाही न बरती गई होती तो शायद अफसर की जान न जाती। चौंकाने वाली बात यह है कि इतने बड़े अफसर के घर आधी रात दरवाजा काटने की कोशिश पर कोई आंतरिक जांच भी नहीं कराई गई।
अंडमान हो गया था ट्रांसफर
कमांडर वर्क इंजीनियर का प्रयागराज से ट्रांसफर भी हो गया था। दो-तीन दिन पहले ही इस संबंध में आदेश जारी हुआ था। 14 अप्रैल तक उन्हें वहां कार्यभार ग्रहण करना था। प्रयागराज में नवागंतुक अफसर के कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्हें रवाना होना था।
वाराणसी में किया अंतिम संस्कार
अफसर का अंतिम संस्कार रविवार को वाराणसी में किया गया। एक दिन पहले परिजनों ने पैतृक गांव में अंतिम संस्कार की बात कही थी। हालांकि, रविवार को शव मणिकर्णिका घाट पर ले जाया गया और वहीं मुखाग्नि दी गई। प्रयागराज से भी बड़ी संख्या में उनके जानने वाले उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे।