तकनीक के खतरे भी हैं
एआई के प्रयोग से जहां एक ओर नकल और शिक्षा माफिया पर लगाम लगाने की तैयारी की जा रही है, वहीं इसके संभावित खतरे भी हैं। बोर्ड के अधिकारी तकनीकी रूप से अपग्रेड नहीं हैं। ऐसे में इस तकनीक का अगर दुरुपयोग हुआ तो परिणाम कुछ और भी हो सकते हैं। बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि पिछले तीन वर्ष से यूपी बोर्ड की परीक्षा में एआई के प्रयोग को लेकर चर्चा हो रही है, लेकिन इसके दुष्परिणामों को देखते हुए इसे अब तक लागू नहीं किया गया है।