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Prayagraj : जगुआर कार हादसा- आरोपी की मां बोली- लापरवाही नहीं, मिर्गी का दौरा आने से हुई थी घटना

Fri, 31 Oct 2025 05:40 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

राजरूपपुर में 19 अक्तूबर को जगुआर कार से हुई दुर्घटना के मामले में नया मोड़ आ गया है। आरोपी रचित मध्यान की मां सरला मध्यान ने पुलिस आयुक्त प्रयागराज को पत्र लिखकर एफआईआर की धाराओं की समीक्षा करने की मांग की है।
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रचित मध्यान। आरोपी चालक - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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राजरूपपुर में 19 अक्तूबर को जगुआर कार से हुई दुर्घटना के मामले में नया मोड़ आ गया है। आरोपी रचित मध्यान की मां सरला मध्यान ने पुलिस आयुक्त प्रयागराज को पत्र लिखकर एफआईआर की धाराओं की समीक्षा करने की मांग की है। 19 अक्तूबर को दोपहर करीब 3:30 बजे लूकरगंज निवासी रचित मध्यान ने जगुआर कार से राजरूपपुर में करीब आठ लोगों को रौंद दिया था जिसमें स्थानीय निवासी 60 वर्षीय प्रदीप पटेल की मौत हो गई थी जबकि सात लोग घायल हो गए थे।

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मामले में आरोपी की मां सरला मध्यान ने पुलिस आयुक्त को पत्र देकर दावा किया है कि उनके बेटे को घटना के समय मिर्गी का दौरा पड़ा था जिसके कारण वह वाहन से नियंत्रण खो बैठा और हादसा हो गया। यह घटना उसकी लापरवाही से नहीं हुई थी। उन्होंने दावा किया कि रचित किसी नशीले पदार्थ के प्रभाव में नहीं था जिसकी पुष्टि ब्रेथ एनालाइजर रिपोर्ट में हुई है। स्वरूप रानी अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट में भी मिर्गी का दौरा आने का उल्लेख है और उपचार के दौरान बेटे को मिर्गी की दवा भी दी गई थी।

उनका कहना है कि प्रत्यक्षदर्शियों ने भी मौके पर रचित को अचेत अवस्था में देखा था और कई लोगों के वीडियो से भी यह बात सामने आई है कि उसे मिर्गी का दौरा पड़ा था। उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार के चलते बेटे पर गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। उन्होंने पुलिस आयुक्त से गैर इरादतन हत्या की धारा हटाकर मोटर व्हीकल एक्ट की उपयुक्त धाराएं लगाने की मांग की है ताकि निष्पक्ष जांच के आधार पर न्याय हो सके।

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12 दिन बाद भी रचित की ब्लड रिपोर्ट का इंतजार

जगुआर कार चालक रचित मध्यान की ब्लड रिपोर्ट 12 दिन बीत जाने के बाद भी नहीं आई है। पुलिस ने हादसे के दिन ही रचित का सैंपल जांच के लिए भेजा था लेकिन अब तक रिपोर्ट न मिलने से जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे के समय चालक नशे में था या नहीं। डीसीपी नगर मनीष शांडिल्य ने बताया कि डॉक्टरों के मुताबिक इस तरह की रिपोर्ट तैयार होने में लगभग एक महीना लगता है। डीसीपी का कहना है कि वह जल्द ही जांच रिपोर्ट मंगवाने की कार्रवाई करेंगे ताकि मामले की जांच आगे बढ़ाई जा सके। 
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