बचाव पक्ष ने कहा- नहीं की गई नारेबाजी
याचियों की ओर से तर्क दिया गया कि उन पर गलत आरोप लगाए गए हैं। विरोधियों ने साजिश के तहत उन्हें फंसाया है। याची भारतीय नागरिक हैं और उन्होंने भारत विरोधी नारेबाजी नहीं की। हालांकि सरकारी अधिवक्ता ने इसका विरोध किया। कहा कि तीनों ने पाकिस्तान के समर्थन में भारत के खिलाफ नारेबाजी की। ये जमानत पाने के हकदार नहीं है।
कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनवाई के दौरान अहम टिप्पणियां कीं।
कहा कि देश का प्रत्येक नागरिक संरक्षक है और भारत की एकता और राष्ट्र के संवैधानिक मूल्यों का प्रहरी है। मेजबान राज्य के लोगों का यह कर्तव्य है कि वे हमारे देश के संवैधानिक मूल्यों को सीखने और जीने के लिए आने वाले छात्रों के लिए सक्षम परिस्थितियों का निर्माण करें। युवा छात्रों का दायित्व भी है कि वे आत्मसात करें और उनका पालन करें।
कानूनी सहायता प्रदान नहीं करने का पास किया था प्रस्ताव
कोर्ट ने कहा कि उसे जानकारी मिली है कि आगरा जिला बार एसोसिएशन ने आवेदकों को कोई कानूनी सहायता प्रदान नहीं करने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया था और इसलिए याची सीधे हाईकोर्ट पहुंचे। कोर्ट ने यह भी कहा कि आगरा में जिला अदालत में जमानत याचियों के साथ मारपीट भी की गई।