उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की विश्वसनीयता फिर सवालों के घेरे में है। पहली बार ऐसा हुआ है जब पीसीएस मुख्य परीक्षा का भी पेपर व्हाट्सएप पर वायरल हो गया। आयोग भले ही इसे पेपर आउट होने की घटना न माने, लेकिन शुरुआत में जिस तरह से मामले को दबाने की कोशिश की गई, उसने आयोग को कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया है। आयोग में पहले भी अन्य परीक्षाओं में पेपर वायरल होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। वहीं, इस बार भी पहले ही दिन से परीक्षा में अव्यवस्था हावी है।
इससे पहले समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) प्रारंभिक परीक्षा-2016 का पेपर भी आउट हो चुका है। हालांकि, मामले में आयोग की ओर ने तो कोई एफआईआर दर्ज कराई गई थी और न ही किसी तरह की जांच कराई गई थी। बाद में न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ था। इसकी सीबीसीआईडी जांच चल रही है। अब तक इस परीक्षा का परिणाम घोषित नहीं किया गया। इसके अलावा पीसीएस-2015 की प्रारंभिक परीक्षा का पहला पेपर भी व्हाट्सएप पर वायरल हो गया था। इस मामले में आयोग ने पहले पेपर की परीक्षा दोबारा कराई थी, लेकिन अपनी तरफ से एफआईआर दर्ज नहीं कराई थी। आयोग के इस रवैये से उसकी विश्वसनीयता पर लगातार सवाल उठते रहे। हालांकि इस बार आयोग ने पुराने मामलों से सबक लेते हुए मामले में एफआईआर दर्ज करा दी है और जांच कमेटी भी गठित कर दी है, लेकिन यह काफी नहीं है।
परीक्षा में पहले ही दिन से अव्यवस्था हावी है। सोमवार को बैरहना स्थित महिला सेवा सदन इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र में भी पेपर बांटे जाने के दौरान हंगामा हो गया था। एक बंडल में 24 पेपर होते हैं, लेकिन वहां जब एक कमरे में बंडल खोला गया तो उसमें 22 पेपर ही निकले। इस पर हंगामा शुरू हो गया। हालांकि, कुछ ही देर में नए अन्य पेपर मंगाकर बांट दिए गए। परीक्षा में हावी अव्यवस्था साफ इशारा कर रही है कि आयोग ने जल्दबाजी में परीक्षा कराने का निर्णय लिया और इसी वजह से गड़बड़ियां लगातार सामने आ रही हैं।