अखाड़ा परिषद के दोनों धड़ों में एक दिन पूर्व चले लात घूंसे के बाद शुक्रवार को समझाैता हो गया। मेलाधिकारी विजय किरन आनंद की मध्यस्थता में दोनों पक्षों ने घटना पर पश्चाताप किया। साथ ही अपनी-अपनी शिकायतें वापस ले ली।
महाकुंभ के लिए भूमि निरीक्षण से पहले बृहस्पतिवार को मेला प्राधिकरण के आई टि्रपल सभागार में अखाड़ा परिषद के दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए थे। फिर देखते ही देखते सभागार में घमासान मच गया। मेलाधिकारी और मेला एसएसपी ने बीच बचाव कर साधु संतों को शांत कराया। मारपीट की घटना से नाराज दूसरे धड़े के संतों ने मेला प्रशासन के साथ भूमि निरीक्षण में हिस्सा भी नहीं लिया।
मेलाधिकारी की मध्यस्थता के बाद बृहस्पतिवार को दूसरे धड़े ने न सिर्फ भूमि का निरीक्षण किया बल्कि पुलिस कमिश्नर और मेलाधिकारी को दी शिकायत भी वापस ले ली। इसके अगुआ और श्री पंच निर्मोही अनि अखाड़े के अध्यक्ष राजेंद्र दास के अनुसार, अखाड़ों में भिड़ंत और संतों की लड़ाई से दुनिया में गलत संदेश जा रहा है। यही कारण है कि राष्ट्र, सनातन संस्कृति और महाकुंभ-2025 को दिव्य-भव्य बनाने के लिए शिकायत को वापस ले लिया है।