महानिदेशक कारागार प्रशासन सुुधार सेवाएं उप्र पीसी मीणा रविवार को केंद्रीय कारागार व जिला कारागार नैनी का निरीक्षण करने पहुंचे। डीजी जेल का चार्ज लेने के बाद वह व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे थे। दोनों जेलों का निरीक्षण करते हुए अस्पताल की जेल, पाकशाला और यहां रह रहे बंदियों से बातचीत की।
रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे वह केंद्रीय कारागार नैनी पहुंचे। उन्होंने पहले प्रशासनिक भवन के पास सिंदूर का पौधा रोपित किया। इसके बाद बैरकों में जाकर जेल की व्यवस्थाओं को देखा। उन्होंने जेल अस्पताल में भर्ती बंदियों को फल वितरित किया। उन्होंने जेल में संचालित कारागार उद्योग, पाकशाला, बंदी कल्याणकारी कैंटीन का निरीक्षण किया। हाई सिक्योरिटी सेल, हाई सिक्योरिटी बैरक, फांसी घर को देखते जेल की गोशाला का भी निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने बीमार व वृद्ध बंदियों की समय पूर्व रिहाई को लेकर जेल अधिकारियों को दिशा निर्देश दिया। उन्होंने पुराने भवनों, बैरकों, कार्यालयों की जगह नए भवनों के निर्माण के लिए प्रस्ताव मुख्यालय भेजे जाने को कहा। इसके बाद वह जिला कारागार नैनी पहुंचे। यहां उन्होंने महिला बैरक का निरीक्षण करते हुए, बंद महिला बंदियों और उनके साथ रह रहे बच्चों को फल, बिस्किट व पठन पाठन से जुड़ी सामग्री बांटी। उन्होंने जेल परिसर में तैयार की गई औषधि वाटिका का उद्घाटन किया।
उन्होंने निरीक्षण के बाद दोनों जेल के अधिकारियों को कई दिशा निर्देश दिए। इस दौरान केंद्रीय कारागार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक विजय विक्रम सिंह, अधीक्षक पवन त्रिवेद्धी, डॉ. वेद प्रकाश चंद्र, जिला जेल की वरिष्ठ जेल निरीक्षण अमिता दुबे, कारापाल शैलेंद्र प्रताप सिंह, आलोक कुमार, चिकित्साधिकारी डॉ. रविंद्र कुमार सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद
जेल में संचालित कारखाने को अपडेट करने का दिया निर्देश
डीजी पीसी मीणा ने केंद्रीय कारागार के निरीक्षण के दौरान यहां पर संचालित कारखानों को देखा। उन्होंने इन कारखानों को अपडेट करने की बात कही। उन्होंने कहा कि पुुरानी मशीनों को हटाकर नई मशीनों को लगाया जाए, साथ ही अन्य बंदियों को कामगार बनाते हुए उत्पादन को बढ़ाया जाए। बताया कि यहां सुविधाओं को बढ़ाकर हम अन्य जेलों में यहां से उत्पादित उत्पादों को भेज सकते है। बता दे कि जेल में लकड़ी, लोहे के कारखाने के साथ साबुन उद्योग, कंबल उद्योग व अन्य छोटे उद्योग संचालित है। यहां पर जेल में बंद बंदियों को काम में लगाकर उन्हें रोजगार दिया जाता है। संवाद