महाकुूंभ से विदा लेते अखाड़ों के साधु संन्यासी।
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उधर, अनी निर्वाणी, अनी दिगंबर एवं अनी निर्मोही अखाड़े के साधु-संत काशी न जाकर अपने-अपने स्थान को रवाना हो गए। अनी अखाड़ों के संत होली में वृंदावन और मथुरा पहुंचकर कान्हा एवं श्रीजी के साथ होली मनाएंगे। इसी तरह उदासीन अखाड़े और निर्मल अखाड़े में भी अरदास के साथ संतों की रवानगी आरंभ हो गई। निर्मल अखाड़े के अधिकांश प्रमुख संत यहां से रवाना हो चुके।
शिवरात्रि को उतरेगी धर्मध्वजा
अखाड़ों को भले अब काशी की ओर चलने का एलान हो गया हो लेकिन, कुंभनगरी में अभी उनकी धर्म ध्वजा लहराती रहेगी। अखाड़ा पदाधिकारियों के मुताबिक शिवरात्रि को अखाड़े के स्थानीय पदाधिकारी इस धर्मध्वजा को नीचे उतार लेंगे हालांकि नए बने अष्ट कौशल ने शुक्रवार को ही धर्मध्वजा की तनियों (रस्सी) को ढीली करके अखाड़ों के प्रस्थान का औपचारिक एलान कर दिया।