फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Muhurt 2023 : 28 जून को बाद 148 दिनों तक विवाह के मुहूर्त नहीं, मांगलिक कार्यों पर रहेगी रोक

Fri, 23 Jun 2023 12:23 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

29 जून को देवशयनी एकादशी के साथ ही चातुर्मास व्रत आरंभ हो जाएगा। इस बार सावन में पुरुषोत्तम मास पड़ रहा है। पुरुषोत्तम मास की वजह से दो सावन लगेंगे। इस वजह से चातुर्मास पांच महीने का होगा। मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु का शयन काल देवशयनी एकादशी से शुरू होकर कार्तिक मास की देवोत्थान तक रहता है।
विज्ञापन
marriage - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी 28 जून को होगी। देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु इस बार पांच महीने के लिए शयन में चले जाएंगे। इसी के साथ इसी के साथ विवाह, मुंडन, उपनयन समेत अन्य मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाएगी। इस बार 29 जून से लगातार 148 दिनों तक विवाह के मुहूर्त नहीं हैं। ऐसे में 23 नवंबर को देवोत्थान एकादशी के बाद ही शादी की शहनाइयां बज सकेंगी।

विज्ञापन


29 जून को देवशयनी एकादशी के साथ ही चातुर्मास व्रत आरंभ हो जाएगा। इस बार सावन में पुरुषोत्तम मास पड़ रहा है। पुरुषोत्तम मास की वजह से दो सावन लगेंगे। इस वजह से चातुर्मास पांच महीने का होगा। मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु का शयन काल देवशयनी एकादशी से शुरू होकर कार्तिक मास की देवोत्थान तक रहता है। ऐसे में देवशयनी एकादशी से ही सारे देवी-देवता शयन में चले जाते हैं।

सनातन धर्मी विविध अनुष्ठानों के जरिए भगवान को जगाने के जतन करेंगे। पुराणों के अनुसार पालनकर्ता भगवान विष्णु चार मास तक क्षीरसागर की अनंत शैय्या पर विश्राम करते हैं। इसलिए इस अवधि में कोई धार्मिक कार्य नहीं किया जा सकेगा। इन दिनों चातुर्मास में तपस्वी एक स्थान पर रहकर ही जप-तप करेंगे। धार्मिक यात्राओं में सिर्फ ब्रज की यात्रा की जा सकेगी।

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

अन्य धार्मिक यात्राएं भी स्थगित रहेंगी। इन चार महीनों में विवाह संस्कार, गृह प्रवेश समेत अन्य मंगल कार्य ठप रहेंगे। 23 नवंबर को देव उठनी एकादशी के साथ ही भगवान योग निद्रा से बाहर आएंगे। ज्योतिषाचार्य पं. ब्रजेंद्र मिश्र के मुताबिक भगवान का शयनकाल पूरा होने के बाद ही शुभ कार्य आरंभ होगें।

चातुर्मास के दौरान आने वाले व्रत-त्योहार

चातुर्मास के दौरान दो सावन पड़ने की वजह से इस बार कई प्रमुख व्रत-त्योहार होंगे। सावन मेला, कांवड़ यात्रा, रक्षाबंधन, नागपंचमी, गणेशोत्सव, शारदीय नवरात्रि, कृष्ण जन्माष्टमी, राधाष्टमी, गणेश चतुर्थी, अनंत चतुर्दशी, कजली तीज, हरतालिका तीज, ऋषि पंचमी पड़ेगी।

23 नवंबर से शुरू होंगे विवाह मुहूर्त
इस बार 23 नवंबर को देव उठनी एकादशी के साथ ही भगवान जागेंगे। सबसे पहले भगवान विष्णु के साथ तुलसी का विवाह होगा। इसी के साथ शहनाइयां बजने लगेंगी। 27 नवंबर को देव दीपावली के बाद लगातार विवाह के मुहूर्त हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें