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UPPSC : चार अभ्यर्थियों पर एफआईआर के बाद यूपीपीएससी ने बढ़ाई निगरानी, जारी किया गया विशेष निर्देश

Thu, 15 Jan 2026 08:23 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती-2025 के तहत अलग-अलग विषयों की प्रारंभिक परीक्षाएं 17, 18, 24 और 25 जनवरी को होंगी। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने दिसंबर-2025 में हुई अन्य विषयों की प्रारंभिक परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले चार अभ्यर्थियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बाद आगामी परीक्षाओं की भी गहन निगरानी की व्यवस्था की है।
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) - फोटो : Amar Ujala Graphics
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एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती-2025 के तहत अलग-अलग विषयों की प्रारंभिक परीक्षाएं 17, 18, 24 और 25 जनवरी को होंगी। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने दिसंबर-2025 में हुई अन्य विषयों की प्रारंभिक परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले चार अभ्यर्थियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बाद आगामी परीक्षाओं की भी गहन निगरानी की व्यवस्था की है।

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छह व सात दिसंबर 2025 को एलटी ग्रेड प्रारंभिक परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी संतोष कुमार, ऋतु श्रीवास्तव, रसना सिंह एवं प्रवेश कुमार के खिलाफ उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत विज्ञापन व परीक्षा निर्देशों का उल्लंघन करने एवं अनुचित साधनों का प्रयोग करने के मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
इस आपराधिक कृत्य के लिए आयोग ने परीक्षा में उनका अभ्यर्थन निरस्त करते हुए 17 दिसंबर 2025 से आयोग की समस्त परीक्षाओं एवं चयनों से स्थायी रूप से डिबार कर दिया था। इससे संबंधित आदेश की प्रति संघ लोक सेवा आयोग एवं अन्य राज्य के आयोगों को भी प्रेषित की गई थी ताकि ये अभ्यर्थी भविष्य में यूपीपीएससी समेत अन्य भर्ती आयोगों की परीक्षाओं में भी शामिल नहीं हो सकें।
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आयोग के परीक्षा नियंत्रक हर्षदेव पांडेय के अनुसार एलटी ग्रेड भर्ती की 17 से 24 जनवरी तक प्रस्तावित प्रारंभिक परीक्षाओं में भी परीक्षा की शुचिता के लिए आयोग ने मेटल डिटेक्टर युक्त द्विस्तरीय फ्रिस्किंग व्यवस्था, लाइव सीसीटीवी स्ट्रीमिंग के माध्यम से सतत निगरानी और बायोमीट्रिक सत्यापन की व्यवस्था की गई है।

गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। अधिनियम के तहत परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करना, नकल करना या नकल कराना, प्रश्नपत्र का प्रतिरूपण करना या प्रकट करना या प्रकट करने का षड्यंत्र करना आदि कृत्य अपराध की श्रेणी में आते हैं। ऐसे मामलों में एक करोड़ तक का जुर्माना और आजीवन कारावास तक की सजा, दोनों ही हो सकती है।

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