समझाने -बुझाने के बाद ट्रामा सेंटर के चिकित्सकों ने काम शुरू कर दिया। उधर, इस मामले की जांच के लिए प्राचार्य एसपी सिंह ने पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर हफ्ते भर के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इस जांच कमेटी में वाइस प्रिंसिपल वीके पांडेय के अलावा एसआईसी डॉ. अजय सक्सेना और मइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट के एचओडी समेत पांच चिकित्सक शामिल हैं।
यह जांच कमेटी ट्रामा सेंटर में तोड़फोड़ के लिए जिम्मेदार लोगों को चिह्नित करेगी, ताकि उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा सके। उधर, ट्रामा सेंटर में तोड़फोड़ के बाद वहां भर्ती मरीजों को दूसरे वार्डों में शिफ्ट करा दिया गया है। विवाद की वजह ईएमओ डॉ सोनू सिंह और लैब असिस्टेंट के बीच एक जांच रिपोर्ट को लेकर तू-तू मैं-मैं से शुरू हुई।
इस घटना केबाद समझौता तो हो गया है, लेकिन 100 डिप्लोमा एंड लैब टेक्नीशियनों के महीने भर के निलंबन कार्रवाई से उनमें आक्रोश है। इस कार्रवाई को प्रशिक्षु लैब टेक्नीशियन एक तरफा बता रहे हैं। इसे लेकर वह मंगलवार को विरोध-प्रदर्शन कर सकते हैं। हालांकि प्रशिक्षु लैब टेक्नीशियनों की ओर से देर रात तक किसी तरह के कार्य बहिष्कार की अधिकारिक घोषणा नहीं की गई थी।
एडीएम सिटी पहुंचे ट्रामा सेंटर, बवाल की ली जानकारी
ईएमओ और प्रशिक्षु लैब टेक्नीशियन के बीच मारपीट और ट्रामा सेंटर में तोड़फोड़ की घटना के बाद प्रशासन भी हरकत में आ गया। जानकारी मिलने के बाद एडीएम सिटी भी ट्रमा सेंटर पहुंच गए। सीओ भी फोर्स के साथ पहुंचे। अफसरों ने प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह और एसआईसी अजय सक्सेना से घटना की जानकारी ली। किसी भी तरफ से एफआईआर न कराए जाने की वजह से पुलिस इस मामले में आगे नहीं बढ़ सकी।