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Prayagraj : गंगा-यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी थमी लेकिन बनी हुईं हैं समस्याएं

Tue, 30 Aug 2022 12:04 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

दोनों नदियों का जलस्तर 85.95 मीटर तक पहुंच गया है। जबकि, खतरे का निशान 84.734 मीटर है। इस तरह से खतरे के निशान से करीब सवा मीटर ऊपर गंगा-यमुना बह रही हैं। इस वजह से शहर के बघाड़ा, सलोरी, तेलियरगंज, बेली, राजापुर, करेली आदि क्षेत्रों के दर्जनों मोहल्लों में हजारों घरों में पानी घुस गया है।
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Prayagraj News : प्रयागराज में बाढ़ की विभीषिका। - फोटो : अमर उजाला।
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गंगा और यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी सोमवार को थम गई। बीच-बीच में जलस्तर में मामूली कमी भी दर्ज की गई। इससे तटीय इलाके लोगों ने राहत जरूर महसूस की लेकिन समस्याएं अब भी बरकरार हैं। बाढ़ की वजह से हजारों लोग अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर हैं तो गंदगी की वजह से इन इलाकों में बीमारियों का खतरा भी बन गया है।

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दोनों नदियों का जलस्तर 85.95 मीटर तक पहुंच गया है। जबकि, खतरे का निशान 84.734 मीटर है। इस तरह से खतरे के निशान से करीब सवा मीटर ऊपर गंगा-यमुना बह रही हैं। इस वजह से शहर के बघाड़ा, सलोरी, तेलियरगंज, बेली, राजापुर, करेली आदि क्षेत्रों के दर्जनों मोहल्लों में हजारों घरों में पानी घुस गया है। बड़ी संख्या में लोगों को पलायन करना पड़ा है। 

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Prayagraj News : प्रयागराज में बाढ़ से बिगड़े हालात। - फोटो : अमर उजाला।
मुसीबत को इससे समझा जा सकता है कि राहत शिविरों में ही सात हजार से अधिक लोगों ने शरण ले रखी है। इसके अलावा हजारों परिवार बाढ़ में फंसे हैं। उनके मकान के प्रथम तल पानी में डूबे हैं। चोरी के डर से लोग आशियाना छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं।


मुश्किल यह कि उन तक राहत भी नहीं पहुंच पा रही। इससे उनके सामने खाना, पानी तक की समस्या खड़ी हो गई है। इसके अलावा जहरीले जंतुओं का भी खतरा बढ़ गया है। हालांकि अब जलस्तर में कमी का अनुमान है। इससे जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। डीएम संजय कुमार खत्री का कहना है कि दोनों नदियों के जलस्तर में कुछ कमी दर्ज की गई है। मंगलवार से और तेजी से पानी घटेगा।
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