अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी का कहना है कि मुगलकाल से लेकर अब तक जब-जब हम बंटे हैं, तब-तब सनातन धर्म को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि अब हम मिटेंगे नहीं मिटाएंगे। बीते रोज पीलीभीत में यूपी और पंजाब पुलिस के साथ मुठभेड़ में खालिस्तानी फोर्स के तीन आतंकी मारे जाने के बाद गुरपतवंत सिंह पन्नू ने महाकुंभ को निशाना बनाने की धमकी दी थी। इसके अगले दिन ही जगद्गुरु रामानंदाचार्य की ओर से मेला क्षेत्र में जगह-जगह पोस्टर चस्पा किये गए, जिसमें लिखा गया है कि डरेंगे तो मरेंगे।
खालिस्तानी आतंकी पन्नू की ओर से धमकी के बाद महाकुंभ मेला क्षेत्र में डरेंगे तो मरेंगे के पोस्टर चर्चा का विषय है। इस पर संतों ने न सिर्फ नाराजगी जताई है, बल्कि कड़ी प्रतिक्रिया भी दी है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी का कहना है कि मुगलकाल से लेकर अब तक जब-जब हम बंटे हैं, तब-तब सनातन धर्म को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि अब हम मिटेंगे नहीं मिटाएंगे।
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बीते रोज पीलीभीत में यूपी और पंजाब पुलिस के साथ मुठभेड़ में खालिस्तानी फोर्स के तीन आतंकी मारे जाने के बाद गुरपतवंत सिंह पन्नू ने महाकुंभ को निशाना बनाने की धमकी दी थी। इसके अगले दिन ही जगद्गुरु रामानंदाचार्य की ओर से मेला क्षेत्र में जगह-जगह पोस्टर चस्पा किये गए, जिसमें लिखा गया है कि डरेंगे तो मरेंगे। इसके बाद संतों ने भी पन्नू की धमकी पर नाराजगी जताई है।
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी ने कहा कि मुगलकाल में एक के बाद एक मंदिर तोड़े गए, क्योंकि उस दाैरान हम भयभीत थे, लेकिन केंद्र में मोदी और यूपी में योगी सरकार ने सनातन धर्म और संस्कृति का परचम देश ही नहीं विदेशों में भी लहराया है। उन्होंने कहा कि आज भारत ही नहीं अन्य देशों में भी अगर कोई मंदिर तोड़ता है तो हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। क्रांतिकारी भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद के अंदाज में हम उसका जवाब देंगे।
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वहीं अटल अखाड़े के संत बलराम भारती का कहना है कि संत समाज एकजुट होकर आतंकी ताकतों को जवाब देने के लिए तैयार है। सरकार को भी पन्नू जैसे आतंकी पर सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए।