सीएम योगी अनि अखाड़ों की धर्म ध्वजा समारोह में 28 दिसंबर को आने वाले हैं। ऐसे में चकर्ड प्लेट मार्गों और पांटून पुलों का निर्माण पूरा कराने के लिए रात भर जागना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार की रात पांटून पुल-चार के निर्माण की जद्दोजहद में जेई-ठेकेदार जूझते रहे। पांटून पुल नंबर पांच के कई पीपे अभी तक जोड़ने बाकी हैं।
मुख्यमंत्री के आगमन से पहले महाकुंभ के पिछड़े कामों को पुराने कराने के लिए अफसरों की सर्द रातों में नींद उड़ गई है। सीएम योगी अनि अखाड़ों की धर्म ध्वजा समारोह में 28 दिसंबर को आने वाले हैं। ऐसे में चकर्ड प्लेट मार्गों और पांटून पुलों का निर्माण पूरा कराने के लिए रात भर जागना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार की रात पांटून पुल-चार के निर्माण की जद्दोजहद में जेई-ठेकेदार जूझते रहे। पांटून पुल नंबर पांच के कई पीपे अभी तक जोड़ने बाकी हैं।
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पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता एके द्विवेदी ने 25 दिसंबर तक सभी 30 पांटून पुलों को बनाने का दावा किया था, लेकिन एक दिन बाद भी हालात काबू नहीं हो सके। संगम लोवर मार्ग तो पूरा कर लिया गया, लेकिन मुक्ति मार्ग अब तक नहीं बन सका है। इससे बसावट लगातार पिछड़ती जा रही है। संगम को जोड़ने वाले पांटून पुल नंबर चार और पांच अभी तक न बन पाने से अफसर परेशान हैं। चार नंबर पुल पर यातायात शुरू नहीं हो सका है।
इसी तरह पुल नंबर पांच को जोड़ने में वक्त लगने के आसार हैं। ज्यादातर पांटून पुलों पर अंधेरा होने रात को गुजरना जहां मुश्किलों भरा है, वहीं अलाइनमेंट बिगड़ने से कई पुलों पर वाहनों का संचालन हादसों का सबब बन गया है। गंगोली शिवाला पुल, काली पुल के पीपे कई जगह टेढ़े हो गए हैं तो कई जगह धंसने से दिक्कतें हो गई हैं।
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आधी रात तक क्लैंपिंग में लगे रहे मजदूर
पीडब्ल्यूडी की ओर से बृहस्पतिवार की रात क्लैंपिंग का काम कराने के लिए काली, संगम लोवर, हर्षवर्धन और शंकराचार्य मार्गों पर गैंग लगाई गई। सर्द रात में मजदूर जगह-जगह क्लैंपिंग लगाने के साथ ही चकर्ड प्लेटों को कसते रहे।