हाईकोर्ट चौराहे स्थित न्यायविद हनुमान मंदिर की प्रतिमा को शिफ्ट किए जाने के विरोध में प्रदर्शन करते अधिवक्ता।
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हाईकोर्ट चौराहे के पास स्थित न्यायविद़ हनुमान मंदिर की शिफ्टिंग के विरोध में सोमवार की रात को भी वकीलों की घेराबंदी जारी रही। रात भर कीर्तन के साथ ही वकील मंदिर के मुख्य द्वार पर अलाव जलाकर डटे रहे। इससे पहले हाईकोर्ट बार, यूथ बार एशोसिएशन के पदाधिकारियों ने मंडलायुक्त और पीसीए वीसी से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा।
दोपहर बाद बार कार्यकारिणी की बैठक मंदिर हटाए जाने के मुद्दे को लेकर हुई। इसमें हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह व महासचिव प्रभाशंकर मिश्र सहित सभी पदाधिकारी और सदस्य मौजूद थे। सभी ने एक स्वर से कहा कि मंदिर जिस स्थान पर है वहीं रहना चाहिए या फिर पीडीए बताए कि जिस जगह मंदिर शिफ्ट किया जाएगा, वह किस स्वरूप में होगा।
क्या पीडीए मंदिर बनाकर देगा या सिर्फ मंदिर के लिए जमीन देगा। मंदिर का निर्माण कौन कराएगा। इन सभी मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए पीडीए वीसी को बार में आमंत्रित किया गया है। बार के उपाध्यक्ष अजय कुमार मिश्र का कहना है कि इस विषय पर अधिवक्ता स्पष्ट आश्वासन चाहते हैं। दूसरी ओर हाईकोर्टबार के अध्यक्ष के अलावा यूथ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष लक्ष्मीकांत मिश्र, सचिव प्रदीप तिवारी, मंदिर संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष आलोक पांडेय पिंटू, मनीष घोष, संजय कृष्ण श्रीवास्तव आदि ने इस मुद्दे पर कमिश्नर से वार्ता की।
कमिश्नर ने वकीलों को आश्वासन दिया कि पूरी स्थिति स्पष्ट किए बिना किसी प्रकार की तोड़फोड़ नहीं होगी। इसके बाद प्रतिनिधि मंडल ने पीडीए उपाध्यक्ष अंकित अग्रवाल से भी मुलाकात की। वकीलों का कहना है कि उपाध्यक्ष का रुख सकारात्मक है।
रात को मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस की गाड़ी मंदिर के पास आकर रुकने पर एक बार फिर अधिवक्ता सक्रिय होने लगे। डॉ पीएन श्रीवास्तव, हाईकोर्ट बार के पूर्व महासचिव अशोक सिंह समेत पचासों वकीलों ने रात को अलाव जलाकर मंदिर के मुख्य द्वार पर घेराबंदी कर ली।