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Prayagraj News: बाजार से देशी टमाटर गायब, प्याज ने भी निकाले आंसू

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सुलेम सराय में टमाटर की खरीदारी करते लोग। फोटो... संवाद
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हरी सब्जियों के बाद अब प्याज और टमाटर भी आम जनता की थाली का जायका बिगाड़ने पर आमादा हैं। बाजार से देशी टमाटर पूरी तरह गायब हो चुका है। मध्य प्रदेश और कर्नाटक से हो रही आवक के भरोसे काम चल रहा है। टमाटर की भारी मांग और आपूर्ति में आई कमी के कारण दाम आसमान छूने लगे हैं।
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थोक बाजार में टमाटर पहले 700 रुपये प्रति कैरेट बिक रहा था। अब उसकी कीमत 900 से 1000 रुपये प्रति कैरेट तक पहुंच चुकी है। फुटकर बाजार में टमाटर 60 से 80 रुपये किलो तक बिक रहा है। राहत की बात सिर्फ इतनी है कि आलू की कीमतें फिलहाल काबू में हैं। वहीं, प्याज लोगों की आंखों में आंसू ला रहा है। बमुश्किल 15 दिन पहले तक 20 से 25 रुपये प्रति किलो बिकने वाला प्याज शुक्रवार को फुटकर मंडी में 40 रुपये किलो तक बिक गया। थोक व्यापारियों के अनुसार बारिश और भंडारण की दिक्कतों की वजह से प्याज की कीमतों में यह अचानक उछाल आया है।
मुंडेरा मंडी के थोक कारोबारी सतीश चंद्र कुशवाहा ने बताया कि थोक बाजार में प्याज अभी 20 से 27 रुपये किलो बिक रहा है। अच्छी गुणवत्ता का प्याज नासिक से मंगाया जा रहा है लेकिन वहां की थोक मंडियों में दाम बढ़ने और परिवहन भाड़ा महंगा होने से आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं।
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दूसरी तरफ, टमाटर के थोक कारोबारी धनंजय का कहना है कि स्थानीय स्तर पर पैदावार न होने से फिलहाल पूरा बाजार मध्य प्रदेश और कर्नाटक से आने वाले टमाटर के भरोसे है। एक कैरेट में 25 किलो टमाटर आता है, जिसके दाम अब 900 रुपये पार कर गए हैं। इसके साथ ही कर्नाटक से आने वाले प्रति ट्रक पर भाड़ा भी करीब 10 से 12 हजार रुपये बढ़ गया है। कारोबारियों का कहना है कि बारिश के मौसम में वैसे भी हरी सब्जियां महंगी हो जाती हैं, लेकिन इस बार भाड़े और बाहरी आवक ने महंगाई का असर और ज्यादा बढ़ा दिया है।
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