अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच लंबित रहने के दौरान दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के विरोध में अधिवक्ता मंच, इलाहाबाद के सदस्यों ने प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित चार सूत्रीय ज्ञापन मजिस्ट्रेट के माध्यम से भेजकर नियुक्ति के फैसले पर पुनर्विचार करने और इसे रद्द करने की मांग की।
अधिवक्ताओं ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी के मामले में सीबीआई जांच लंबित है। ऐसे में दुष्यंत कुमार गौतम को सांविधानिक पद पर नियुक्त किया जाना निष्पक्ष जांच, सार्वजनिक जवाबदेही और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को लेकर सवाल खड़े करता है।
सभा को अधिवक्ता हृदय लाल मौर्य, नितेश कुमार, प्रिया, लुबना, कपिल देव यादव, प्रशांत, नंदलाल गुप्त और घनश्याम मौर्य, चार्ली प्रकाश समेत अन्य लोगों ने संबोधित किया। संचालन मो. सईद सिद्दीकी ने किया। इस दौरान मंच के संयोजक राजवेंद्र सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता केके राय सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।