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एडवांस रकम लेकर डकार गए अफसर

Mon, 07 Nov 2016 02:35 AM IST
विजय सक्सेना, अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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आर्थिक तंगी से जूझ रहे नगर निगम में विभिन्न कामों के मदों में 2.48 करोड़ रुपये से अधिक एडवांस रकम लेकर उसका हिसाब न देने के मामले में बड़ी अनियमितता सामने आई है। यह सबकुछ 22 वर्षों से चल रहा है। अफसर काम के नाम पर एडवांस रकम तो ले रहे हैं लेकिन उसका हिसाब नहीं दिया गया। मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी ने फाइलों की जांच में मामला पकड़ा। इसके बाद 17 अक्तूबर को सीएफओ समेत विभागाध्यक्षों को पत्र जारी कर एडवांस रकम का समायोजन एक सप्ताह में कराने को कहा लेकिन किसी अफसर ने यह काम नहीं किया।
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एडवांस रकम के नाम पर खेल वर्ष 1994 से चल रहा है। नियम के तहत किसी भी कार्य के लिए एडवांस रकम ली जाती है तो उसका समायोजन एक माह के भीतर हो जाना चाहिए। नगर निगम के लेखा विभाग ने मार्च 2015 तथा 24 एवं 29 फरवरी 2016 को सीएफओ को पत्र लिखकर इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। समायोजन के बजाए फरवरी में भी एक सफाई कर्मचारी के इलाज के लिए 45 हजार रुपये एडवांस जारी कर दिए गए। सीएफओ समेत विभागाध्यक्षों को लिखे पत्र में मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी ने कहा है कि एडवांस रकम का समायोजन न किया जाना वित्तीय अनियमितता का परिचायक तथा ऑडिट आपत्ति का विषय है।

एडवांस रकम नगर निगम के सिर्फ स्वास्थ्य विभाग को दी गई। अगस्त 1994 से लेकर 25 फरवरी 2016 के बीच में दो करोड़ 47 लाख 50 हजार 990 रुपये एडवांस दिए गए। यह रकम आश्रय सुधार, सफाई सामान, नाला सफाई, कीटनाशक दवा की गुणवत्ता जांच, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, मैलाथियान आपूर्ति, अंशकालिक सफाई कर्मियों के वेतन, कूड़ा गाड़ी खरीद, कर्मियों को वेतन, पुलिया सफाई, बोनस, टोनर, बुकलेट तैयार कराने, कुंभ के दौरान निगम कैंप कार्यालय में चाय, नाश्ता आदि मद में दी गई। इसी तरह 12एवं 13वित्त आयोग, रिवाल्विंग फंड एवं अवस्थापना निधि से भी स्वास्थ्य विभाग को नवंबर 2002 में 10 ट्रक फिनायल के लिए 51 हजार 163 रुपये तथा मई 2004 में नाला सफाई के लिए 65 हजार रुपये एडवांस दिए गए। इस पूरी रकम का समायोजन अब तक नहीं हुआ।
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‘एडवांस रकम के समायोजन के लिए स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा गया है। कुछ मदों में खर्च का हिसाब मिला लेकिन सही ढंग से नहीं था। आडिट आपत्ति भी होती है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों से पत्राचार कर समायोजन की रिपोर्ट मांगी जा रही है।’ लियाकत अली, सीएफओ नगर निगम
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