अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में क्षेत्र के बाजारों में दूषित-मिलावटी खाद्य तेलों की धड़ल्ले से बिक्री की जा रही है। दूषित तेल के इस्तेमाल से ग्रामीण ड्रॉप्सी, लिवर फैटी, अल्सर जैसी बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
हरिसेनगंज बाजार, ब्लॉक बाजार, मऊआइमा कस्बा और आसपास के बाजारों में मिलावटी खाद्य तेलों की धड़ल्ले से बिक्री की जा रही है। असली तेलों की अपेक्षा मिलावटी तेल थोड़ा सस्ता मिलने के कारण्धि कांश लोग पैसों की बचत के चक्कर में इसकी ही खरीदारी कर रहे हैं। मिलावटी और असली तेल में कुछ खास अंतर नजर न आने पर लोग बेझिझक इसकी खरीदारी करते हैं। मिलावट का यह खेल वैसे तो साल के बारहों महीने चलता है लेकिन पर्वों व सहालग के दौरान खाद्य तेलों की मांग बढ़ने से मिलावटखोरी भी बढ़ जाती है। लोगों की शिकायत के बाद भी खाद्य व सुरक्षा विभाग इस पर रोकथाम के लिए कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है।
ग्रामीण हो रहे बीमारियों के शिकार
मिलावटी खाद्य तेलों के उपयोग से लोगों के शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। जिससे शारीरिक विकार उत्पन्न होने की आशंका बढ़ती जा रही है। मानव शरीर पर इसका दुष्प्रभाव पड़ रहा है। इसके इस्तेमाल से लोग लीवर खराब होने, आहार तंत्र संबंधी रोग, ड्रॉप्सी सहित आंखों की बीमारी के शिकार हो रहे हैं।
दूषित खाद्य तेल से हो चुकी है तीन मौतें
मऊआइमा विकासखंड के जोगीपुर गांव के फत्ते शाह का पूरा मजरे में करीब दो साल पहले दूषित खाद्य तेल के इस्तेमाल से ड्रॉप्सी का शिकार हो कर एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि परिवार के अन्य पीड़ितों का महीनों एसआरएन हॉस्पिटल में इलाज चला।
- मिलावटी खाद्य तेल की बिक्री अक्षम्य अपराध है।यदि ऐसा हो रहा है तो जल्द ही टीम बना कर ऐसे कारोबारियों के यहां छापेमारी की कार्यवाही की जाएगी। भारती मीणा, एसडीएम, सोरांव
- मिलावटी खाद्य तेलों के इस्तेमाल से ग्लूकोमा के साथ ही आंतो में अल्सर व लिवर फैटी जैसी बीमारियां व पित्ताशय कैंसर का खतरा बना रहता है। डाॅ. सुरेश कुमार यादव, सीएचसी प्रभारी, मऊआइमा