इलाहाबाद। पेशेगत जिम्मेदारियों और जिंदगी की भागदौड़ भरी जिंदगी से कुछ पल चुराकर संगीत की दुनिया सजाने के साथ रविवार को डाक्टर्स एक अंदाज में दिखे। संस्था अनहद की ओर से सांगीतिक प्रस्तुति ‘बहार से बहार तक’ सीजन-3 के तहत जुटे डॉक्टर्स ने सदाबहार गीतों के साथ शाम सजाई तो हर कोई सम्मोहित हुए बिना नहीं रह सका। डॉ. मिलन मुखर्जी और डॉ.डीएन शुक्ला की देखरेख में प्रयाग संगीत समिति के मेहता प्रेक्षागृह में डॉक्टर्स ने गीतों की महफिल सजाई और साबित किया कि उन्हें यह हुनर भी आता है।
इसके तहत पुष्पा शुक्ला ने ‘मौसम है आशिकाना’, ‘कहीं दीप जले कही दिल’, ‘नील गगन की छांव में’, ‘आगे भी जाने न तू’ सुनाकर समां बांँधा। इसी क्रम में उन्होंने डॉ.डीएन शुक्ल के साथ ‘हम तो तेरे आशिक हैं’,‘ओ मेरे सोना रे’,‘तुमको पिया दिल दिया’,‘जिंदगी की न टूट लड़ी’, ‘एक प्यार का नगमा है’जैसे गीत तो डॉ.शरद वर्मा के साथ किसी राह में किसी मोड़ पर जैसा गीत सुनाकर तालियां बटोरीं।
समारोह के तहत डॉ.जीके शांगलू ने ‘दिल को तुमसे प्यार’ सुनाकर रूमानी किया। स्मृति शांगलू ने ‘सुन रहा है न तू, डॉ. सुबोध जैन ने ‘वो शाम कुछ अजीब थी’, तनय ने ‘सुहाना सफर और ये मौसम’, डॉ.एसपी मिश्रा ने ‘लागा चुनरी में दाग’ जैसे गीत सुनाकर सभी को झुमाया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में डॉक्टर्स और संगीतप्रेमियों ने मौजूदगी दर्ज कराई।