बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे चक्रवाती मौसम तंत्र के दृष्टिगत 28 से 30 अक्तूबर तक संभावित प्रतिकूल मौसम को लेकर प्रशासन ने सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। सभी उपजिलाधिकारियों, तहसीलदारों और संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहते हुए जरूरी तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा गया है।
जिला प्रशासन के निर्देश के अनुसार, लेखपालों और आपदा मित्रों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। जर्जर भवनों की पहचान कर उनमें रहने वाले लोगों को सुरक्षित आश्रय स्थलों पर पहुंचाने के साथ उनकी सूचना भी एकत्र की जाएगी। पुलिस संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने और आपात स्थिति में प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में सहयोग करेगी।
ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों के माध्यम से मुनादी कराकर ग्रामीणों को वज्रपात और तेज हवाओं से बचाव के उपाय बताए जाएंगे। खंड विकास अधिकारियों को किसानों को फसल और खुले में रखे अनाज की सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर निकायों को जर्जर भवनों, कमजोर होर्डिंग और खतरनाक संरचनाओं की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने को कहा गया है। अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाए रखने और जनहानि, पशुहानि व फसल क्षति की सूचना तत्काल प्रशासन को देने के निर्देश दिए गए हैं।