बीडीसी सदस्य गायब, परिजन भी नजरबंद
जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में झटका लगने के बाद सपा ने अपनाई नई रणनीति
प्रयागराज। ब्लाक प्रमुख चुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ क्षेत्र पंचायत सदस्यों (बीडीसी) की घेराबंदी तेज हो गई है। इस कवायद के बीच ज्यादातर सदस्य तो गायब हो ही गए हैं, दावेदारों को उनके परिजन भी नहीं मिल रहे हैं। दबाव बढने के बाद कई सदस्यों के नजदीकी रिश्तेदार भी नजरबंद हो गए हैं।
भाजपा की ओर से समर्थित प्रत्याशियों की सूची बुधवार को जारी की गई। चूंकि शनिवार को मतदान होगा। यानि, उम्मीदवारों के पास जनसंपर्क के लिए अब सिर्फ दो दिन बचे हैं। ऐसे में उन्होंने घेराबंदी तेज कर दी है। ज्यादातर बीडीसी सदस्य पहले ही भूमिगत हो चुके हैं। ऐसे में उनके रिश्तेदारों से संपर्क किया जा रहा है।
इसके विपरीत जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में झटका खाने के बाद सपा ने नई रणनीति अपनाई है। इसके तहत सदस्यों को हटाने के साथ उनके करीबी रिश्तेदारों को भी विपक्षी खेमे से दूर रखने की रणनीति बनाई गई है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में सदस्यों के परिजनों पर काफी दबाव रहा। इसे देखते हुए ब्लाक प्रमुख चुनाव में सदस्यों के अलावा परिजनों पर भी नजर रखी जा रही है। इसके लिए ब्लाकवार वरिष्ठ नेताओं तथा क्षेत्र के प्रमुख लोगों की टीम बनाई गई है।