Adhikaran to be formed in Lucknow itself, government will file an answer today
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प्रयागराज। शिक्षा अधिकरण के मामले में प्रदेश सरकार 30 अगस्त को हाईकोर्ट में अपना जवाब दाखिल करेगी। शासन के संयुक्त सचिव शत्रुंजय सिंह द्वारा मुख्य स्थायी अधिवक्ता हाईकोर्ट को लिखे पत्र में इस बारे में जानकारी दी गई है। पत्र में कहा गया है कि हाईकोर्ट की खंडपीठ द्वारा 16 अगस्त को जारी आदेश के खिलाफ दाखिल विशेष अनुमति याचिका सुप्रीमकोर्ट ने निस्तारित कर दी है। शिक्षा सेवा अधिकरण गठित करने के संबंध में पत्र में कहा गया है कि अधिकरण का गठन माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा किया जा रहा है और इसे उत्तर प्रदेश लोक सेवा अधिकरण की तरह ही लखनऊ में स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इसलिए शिक्षा सेवा अधिकरण का गठन लखनऊ में किए जाने का निर्णय लिया गया है। मुख्य स्थायी अधिवक्ता से इस स्थिति से हाईकोर्ट को 30 अगस्त को होने वाले सुनवाई में अवगत कराने के लिए कहा गया है।
उल्लेखनीय है कि 18 अगस्त को हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका कायम कर ली थी और प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा और प्रमुख सचिव न्याय सहित अन्य अधिकारियों को नोटिस जारी कर अधिकरण पर सरकार की नीति स्पष्ट करने का निर्देश दिया था। खंडपीठ के आदेश के क्रम में मुख्य न्यायाधीश ने पांच जजों की पीठ जनहित याचिका पर सुनवाई के लिए गठित कर दी। इस बीच अवध बार एसोसिएशन ने इस आदेश को सुप्रीमकोर्ट में चुनौती दे दी। सुप्रीमकोर्ट ने याचिका निस्तारित कर दी है। सुप्रीमकोर्ट का आदेश अभी सरकार को नहीं मिला है। खंडपीठ के आदेश के क्रम में 30 अगस्त को होने वाली सुनवाई के मद्देनजर सरकार ने जवाब दाखिल करने की तैयारी की है।