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पीएचडी, एमफिल के लिए मिले छह माह का अतिरिक्त समय

Wed, 08 Apr 2020 12:27 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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डेमो - फोटो : डेमो
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लॉकडाउन में फंसे रिसर्च स्कॉलर्स के लिए मुसीबत बढ़ गई है। प्रयोगशालाएं और पुस्तकालय बंद पड़े हैं। फील्ड वर्क भी ठप हो गया है, जबकि बहुत से रिसर्च स्कॉलर्स के लिए थीसिस जमा करने या पीएचडी/एमफिल पूरा करने की समय सीमा बीत रही है। मामले में अखिल भारतीय केंद्रीय विश्वविद्यालय महासंघ (फेडकुटा) की ओर से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को पत्र भेजकर मांग की गई है कि देश के सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में रिसर्च स्कॉलर्स को छह माह का अतिरिक्त समय दिया जाए।
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फेडकुटा के उपाध्यक्ष प्रो. रामसेवक दुबे एवं अन्य पदाधिकारियों की ओर से यूजीसी के चेयरमैन प्रो. डीपी सिंह को लिखे पत्र में कहा गया है कि लॉकडाउन में फंसे रिसर्च स्कॉलर्स को कई तरह की दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। कई पीएचडी एवं एमफिल रिसर्च स्कॉलर्स लॉकडाउन में अपना शोध कार्य नहीं कर पा रहे हैं।

सेमिनार आदि पर भी प्रतिबंध लगा है, सो रिसर्च स्कॉलर्स इससे भी वंचित हो गए हैं। प्रयोगशाला एवं पुस्तकालय की सुविधा न मिल पाने के कारण रिसर्च स्कॉलर्स संसाधन विहीन हो गए हैं। लॉकडाउन के कारण रिसर्च स्कॉलर्स फील्ड वर्क भी नहीं कर पा रहे हैं। फेडकुटा ने यूजीसी के चेयरमैन से मांग की है कि इन कठिन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए देश के सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों को निर्देश जारी करें कि सभी रिसर्च स्कॉलर्स के लिए थीसिस जमा करने, पीएचडी या एमफिल पूरा करने की समय सीमा कम से कम छह माह के लिए बढ़ा दी जाए।
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