इलाहाबाद (ब्यूरो)। ज्योतिष एवं द्वारका शारदापीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि नदियों को जोड़ने की बात स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास के नाम पर गंगा जैसी नदी का अस्तित्व समाप्त किया जा रहा है। नदियों क ो जोड़ने की परियोजना सिर्फ छलावा है।
देश की पहचान रहीं गंगा नदी की महत्ता को खत्म करने का कुचक्र सरकारें कर रहीं हैं। सोमवार को मेला क्षेत्र त्रिवेणी मार्ग स्थित शिविर में प्रवचन के दौरान कहा कि सनातन धर्म के प्रतीकों एवं मान्यताओं को समाप्त करने की मुहिम पर विराम तभी लग सकता है जब सभी एक जुट होकर आवाज बुलंद करें।