फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उमड़ा मौनी का मेला, हर ओर रेला

Tue, 20 Jan 2015 12:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
इलाहाबाद। मौनी आमवस्या आते ही मेले का ‘मौन’ टूट गया। अब तक जितने स्नानपर्व बीते, स्नानार्थियों की भीड़ अपेक्षा से कम जुटी लेकिन इस बार मौनी अमावस्या से एक दिन पहले ही मेला क्षेत्र श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया। पांटून पुलों पर पैर रखने की जगह नहीं बची तो मेला की ओर जाने वाली शहर की सड़कें भी श्रद्धालुओं की भीड़ से पटी रहीं। मौनी अमावस्या का स्नान मंगलवार को है लेकिन घाटों पर आधी रात से ही डुबकी लगने लगी और भीड़ को संभालने के लिए प्रशासन एवं पुलिस महकमे को अपनी पूरी ताकत झोंकनी पड़ गई।
विज्ञापन


मेला क्षेत्र में सोमवार सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंचने लगी। शहर के साथ मेला क्षेत्र की सड़कें व्यस्त होने लगीं और भीड़ को संभालने के लिए उन रास्तों पर भी अचानक ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया, जहां पहले से कोई योजना नहीं थी। पांटून पुलों पर भी सिर्फ पैदल चलने की अनुमति दी गई, इसके बावजूद पुल श्रद्धालुओं से खचाखच भरे रहे। प्रशासन ने स्नान के लिए कुल 11 घाट तैयार कराए हैं। देर रात तक हर घाटों पर इतनी भीड़ ज़ुट गई कि पैर रखने की भी जगह नहीं बची।

संगम घाट पर भीड़ की वजह से स्थिति नियंत्रण से बाहर होने लगी तो प्रशासन को दूसरे घाटों पर भीड़ को डायवर्ट करना पड़ा। एडीएम सिटी एसके शर्मा का दावा है कि सोमवार रात तक मेले में तकरीबन 18 लाख श्रद्धालु पहुंच गए हैं। भीड़ लगातर छंटती रही, सो देर रात सो ही घाटों पर स्नान शुरू करा दिया गया है। अनुमान है कि मौनी अमावस्या पर तकरीबन 80 लाख स्नानार्थी डुबकी लगा लेंगे।
विज्ञापन


प्रशासन का अनुमान था कि मौनी अमावस्या पर बड़ी संख्या में स्नानार्थी पहुंचेेंगे, सो प्रशासन ने दो प्रमुख घाटों की लंबाई बढ़वा दी है। स्नान के लिए कुल 11 घाट बनाए गए हैं, जिनमें संगम और रामघाट की लंबाई में इजाफा किया गया है। संगम घाट की लंबाई 2600 फीट से बढ़ाकर तीन 3000 कर दी गई है। वहीं, रामघाट की लंबाई भी 50 फीट बढ़ाई गई है।

मौनी अमावस्या पर मेला क्षेत्र में जुटे श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन की तरफ से सोमवार को साढ़े पांच सौ ईपी टेंट वाले शिविरों की स्थापना कर दी गई। इनमें से 450 शिविर परेड मैदान और बाकी के 100 शिविर घाटों के आसपास और मेला क्षेत्र के मुख्य मार्गों पर लगाए गए हैं। हालांकि भीड़ इतनी अधिक हो गई कि शिविरों में भी पैर रखने की जगह नहीं बची। शिविर श्रद्धालुओं से भरे रहे। यहां तक कि प्रशासन के सत्संग पंडाल में भी श्रद्धालुओं की जबर्दस्त भीड़ रही।

देर रात घाटों पर स्नानार्थियों की भीड़ तेजी से बढ़ने लगी। इनमें तमाम फूल-माला और प्रसाद बेचने वाले भी शामिल थे, जिनकी वजह से घाटों पर अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रभारी अधिकारी मेला और सभी सेक्टर मजिस्ट्रेटों ने फूल-माला और प्रसाद बेचने वालों को वहां से खदेड़ना शुरू कर दिया। काफी मशक्कत के बाद स्थिति पर काबू पाया जा सका।

पौष पूर्णिमा पर प्रशासन ने संगम पर पर्याप्त जल के लिए पोकलैंड मशीन और जेसीबी की मदद से जो खोदाई कराई थी, वह मौनी अमावस्या पर भी काम आ गई। संगम घाट पर डुबकी लगाने के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध रहा। अफसरों ने बताया कि संगम घाट पर तीन से चार फीट की गहराई तक जल की उपलब्धता है, जो डुबकी लगाने के लिए पर्याप्त है।

मेला क्षेत्र के कुछ हिस्सों में सोमवार को भी कटान की समस्या बनी रही। हालांकि इससे कोई नुकसान नहीं हुआ लेकिन सिंचाई विभाग के कर्मचारी दिनभर मौके पर तैनात रहे और कटान को रोकने के लिए काम जारी रहा। महावीर मार्ग और ओल्ड जीटी की तरफ कटान की समस्या अधिक रही।

मेले में स्नानार्थियों की संख्या तेजी से बढ़ने पर प्रशासन ने घाटों पर चेंजिंग रूम की संख्या तो बढ़ा दी लेकिन शौचालय पर्याप्त संख्या में न होने के कारण लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। इसकी वजह से मेला क्षेत्र में कई जगह गंदगी भी फैल गई। सफाई कर्मियों की संख्या भी पर्याप्त नहीं है, सो साफ-सफाई के कार्य में भी बाधा आई। वैसे भी प्रशासन को पूरा ध्यान घाटों की साफ-सफाई पर ही लगा रहा।

‘मौनी अमावस्या पर मेले से जुड़ी सभी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कुछ सुविधाओं में इजाफा किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को दिक्कत न हो। भीड़ अनुमान से भी अधिक पहुंच गई है लेकिन स्थिति नियंत्रण में है। पिछले मेलों के मुकाबले इस बार व्यवस्था बेहतर है।’
विज्ञापन

भवनाथ सिंह, जिलाधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें