इलाहाबाद(ब्यूरो)। हाईकोर्ट ने कसारी-मसारी आवास योजना के लिए अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा नहीं देने पर इलाहाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष देवेंद्र पांडेय और सचिव वंदना त्रिपाठी को अवमानना का नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा है। अफसार अहमद की अवमानना याचिका पर न्यायमूर्ति पंकज नकवी ने सुनवाई की।
याची का कहना है कि कसारी मसारी में स्थित उसकी करीब 10 बीघा जमीन जिला प्रशासन ने 1996 में अधिग्रहीत कर ली। फिर भूमि एडीए को कसारी मसारी आवास योजना के लिए दे दी। मुआवजे को लेकर याची ने सिविल को में वाद दाखिल किया। सिविल कोर्ट ने उसका वाद स्वीकार करते हुए दो लाख 60 हजार प्रति बीघा की दर से मुआवजा और ब्याज सहित अन्य देय भुगतान का निर्देश दिया। एडीए ने सिविल कोर्ट के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दे दी। हाईकोर्ट ने मुआवजे की दर घटाकर एक लाख 80 हजार रुपये प्रति बीघा कर दी। इसके बावजूद याची को मुआवजे का भुगतान नहीं हुआ तो उसने अवमानना याचिका दाखिल कर दी। हाईकोर्ट ने एडीए उपाध्यक्ष और सचिव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।