भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने रविवार को बहरिया के सिकंदरा में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने तथा शांति व्यवस्था बिगाड़ने की घटना की कड़ी निन्दा करते हुए दोषियों पर कारवाई की मांग की है।
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने रविवार को बहरिया के सिकंदरा में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने तथा शांति व्यवस्था बिगाड़ने की घटना की कड़ी निन्दा करते हुए दोषियों पर कारवाई की मांग की है। माकपा से जुड़े लोगों ने घटना की जांच करके दोषियों को दंडित करने आदि की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और राज्यपाल को संबोधित पत्र सौंपा। सीपीआई एम के नेताओं ने कहा कि रामनवमी को कुछ अराजक तत्वों ने गाजी मिया की दरगाह पर भगवा झंडा लहरा कर सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने का काम किया है I माकपा इस घटना की कड़ी निंदा करती है।
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प्रयागराज में सालार मसूद गाजी उर्फ गाजी मियां की काफी पुरानी मजार है। रामनवमी को भाजपा के कार्यकर्ताओं का एक समूह राजा सुहेलदेव के पक्ष में नारे लगाते आया तथा सिकंदरा बाजार, तहसील फूलपुर, प्रयागराज की मजार पर चढ़कर इत्मीनान से भगवा फहराया जबकि सिकंदरा में पुलिस चौकी व तीन किमी पर बहरिया थाना है। पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की। चंद लोंगों के एक ग्रुप ने यह कार्य किया। सिकंदरा में घनी मुस्लिम आबादी है लेकिन उन्होंने शांति और सद्भावना को बनाने में मदद की है।
आरोप लगाया कि भाजपा के कुछ नेता घटना का वीडियो अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट करके महौल बिगाड़ने का भी प्रयास कर रहे हैं। सिकंदरा के गाजी मियां की दरगाह पर पिछले 23 मार्च से विवाद शुरू हुआ है I पुलिस प्रशासन को जिस ढंग से चुस्त दुरुस्त रहकर माहौल बिगड़ने से बचाना चाहिए था उसमें लापरवाही है I इस घटना में पुलिस की भूमिका संदिग्ध लगती है I इसकी जांच होनी चाहिए तथा दोषी लोगों पर कारवाई की जाए I माकपा के वरिष्ठ साथी हरिश्चंद्र द्विवेदी, गायत्री गांगुली, माकपा सिटी ब्रांच के सचिव अजीत बहादुर, जेबी यादव, आशुतोष सिंह, सूर्य प्रकाश, आशीष पाल एडवोकेट, रंजीत एडवोकेट, कमलेश एडवोकेट, राधेश्याम द्विवेदी एडवोकेट, विकास स्वरूप आदि मौजूद रहे।