जिला अदालत ने बॉयज हाईस्कूल के कार्यवाहक प्रधानाचार्य डेविड एन्ड्रयू ल्यूक को कथित 10 करोड़ रुपये के गबन और वित्तीय अनियमितता के मामले में राहत दे दी है। यह आदेश सत्र न्यायाधीश सत्य प्रकाश त्रिपाठी ने शर्तों सहित उनकी अग्रिम जमानत मंजूर करते हुए दिया।
जिला अदालत ने बॉयज हाईस्कूल के कार्यवाहक प्रधानाचार्य डेविड एन्ड्रयू ल्यूक को कथित 10 करोड़ रुपये के गबन और वित्तीय अनियमितता के मामले में राहत दे दी है। यह आदेश सत्र न्यायाधीश सत्य प्रकाश त्रिपाठी ने शर्तों सहित उनकी अग्रिम जमानत मंजूर करते हुए दिया।
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लखनऊ के सेक्टर(ईओडब्ल्यू)थाने में दर्ज मुकदमे में डेविड एन्ड्रयू ल्यूक पर 2014 से 2021 के बीच बॉयज हाईस्कूल एंड कॉलेज की फीस और फंड में 10 करोड़ रुपये से अधिक के गबन, दुरुपयोग और फर्जीवाड़े का आरोप है। बचाव पक्ष की ओर से अदालत में दलील दी गई कि मामला स्कूल प्रबंधन के आंतरिक विवाद से जुड़ा है और आरोप निराधार हैं। समान आरोपों में 2015 में सिविल लाइंस थाने में दर्ज मुकदमे में पुलिस अंतिम रिपोर्ट लग चुकी है, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया था। सभी वित्तीय लेन-देन संस्था संचालन के लिए किए गए और उनका पूरा लेखा-जोखा सुरक्षित है।
जिला शासकीय अधिवक्ता ने जमानत का विरोध कर कहा कि ईओडब्ल्यू की जांच में करोड़ों रुपये के गबन के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए हैं। अदालत ने आरोपी को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के एक जमानती पर अग्रिम जमानत देने का आदेश दिया।