थाना क्षेत्र के तीन अधिवक्ता व उनके परिजनों पर दर्ज प्राथमिकी को फर्जी बताते हुए मेजा बार एसोसिएशन ने विरोध का ऐलान किया है। एसोसिएशन के मंत्री एवं मांडाखास निवासी अतुल वैभव द्विवेदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से अधिवक्ताओं से एकजुट होने की अपील की है। जारी बयान में कहा गया है कि 25 मार्च 2026 को मांडा थाना क्षेत्र के गांव तीसेन तुलापुर निवासी एक अधिवक्ता व उनके परिजनों के खिलाफ एससी/एसटी समेत गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज किया गया है।
इसके अलावा बीते दो माह में भरथीपुर, हंडिया व बिसहिजन कला समेत अन्य स्थानों के अधिवक्ताओं पर भी विभिन्न मामलों में एफआईआर दर्ज किए जाने का आरोप लगाया गया है। बताया गया कि भरथीपुर के एक अधिवक्ता के खिलाफ क्रॉस एफआईआर दर्ज की गई, जबकि हंडिया क्षेत्र के अधिवक्ता पर भूमि विवाद के मामले में आपराधिक धाराएं लगाई गईं। वहीं बिसहिजन कला के अधिवक्ता पर सड़क जाम के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया, जबकि उनका कहना है कि उन्होंने क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों की बिक्री के खिलाफ विरोध दर्ज कराया था। एसोसिएशन ने इसे अधिवक्ता समाज की अस्मिता व सम्मान के खिलाफ बताते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि बिना समुचित जांच के दबाव में आकर कार्रवाई की जा रही है, जिससे अधिवक्ताओं का उत्पीड़न बढ़ा है। मामले के विरोध में 28 मार्च को दोपहर 12 बजे एसीपी कार्यालय मेजा का घेराव करने का निर्णय लिया गया है। चेतावनी दी गई है कि जब तक मुकदमा समाप्त नहीं किया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही आगे की रणनीति के लिए जल्द बैठक कर अन्य संवैधानिक व अहिंसात्मक कदमों पर निर्णय लिया जाएगा। मामले में एसीपी मेज एस.पी उपाध्याय ने बताया कि मामले में प्राप्त तहरीर के आधार पर विधिक प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज किया गया है। प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।