अजीत कुमार मद्धेशिया इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में भौतिक विज्ञान के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. पीएस यादव के निर्देशन और पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. राजाराम यादव के मार्गदर्शन में शोध कार्य कर रहे हैं।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के भौतिक विज्ञान विभाग के विद्यार्थी अजीत कुमार मद्धेशिया को इंडाे-फ्रेंच कार्यक्रम के तहत रमन-चारपाक फेलोशिप के लिए चयनित किया गया है। वह फ्रांस के जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में नोबेल त्रिधात्विक नैनो पार्टिकल के एकोस्टीकल माइक्रोस्कोपी और औद्योगिक अनुप्रयोग पर शोध करेंगे।
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अजीत कुमार मद्धेशिया इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में भौतिक विज्ञान के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. पीएस यादव के निर्देशन और पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. राजाराम यादव के मार्गदर्शन में शोध कार्य कर रहे हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीएससी, एमएससी (भौतिकी), पीएचडी (भौतिकी) और फ्रेंच लैंग्वेज में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में अमर नाथ झा छात्रावास के अंतःवासी हैं।
अजीत का दावा है कि यह फेलोशिप इलाहाबाद विश्वविद्यालय में किसी छात्र को पहली बार मिली है। इस वर्ष यह फेलोशिप भौतिक विज्ञान वर्ग में पूरे देश से केवल तीन शोधार्थियों को दी गई है। यह फेलोशिप फरवरी, 2013 में फ्रांस के राष्ट्रपति की भारत की राजकीय यात्रा के दौरान शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य विज्ञान में भविष्य की गतिविधियों के दायरे और गहराई को व्यापक बनाने के लिए दोनों देशों के बीच डॉक्टरेट छात्रों के आदान-प्रदान को सुविधाजनक बनाना है।
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वर्तमान में अजीत कुमार मद्धेशिया नैनो विज्ञान के एक नए क्षेत्र त्रिधात्विक नैनोफ्लुइड्स के अभिलाछणिक गुणों और उसके औद्योगिक अनुप्रयोगों पर अल्ट्रासोनिक गैर-विनाशकारी मूल्यांकन एवं परीक्षण तकनीक (एनडीईएंडटी) विधि से शोध कर रहे है। नैनोविज्ञान और प्रौद्योगिकी के आविष्कार के बाद नैनोफ्लुइड्स आधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी में अग्रणी बनकर उभरा है।