बच्ची पूरी तरह से अपंग थी और उसके पैर काम नहीं कर रहे थे। डॉ. खेतान के नेतृत्व में छह विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने 11 घंटे के कठिन मेहनत के बाद बच्ची का सफल आपरेशन किया। अब बच्ची दोनों पैर काम कर रहे हैं और वह तीन माह में सामान्य रूप से चलने फिरने लगेगी।
शहर के एक निजी अस्पताल में 12 वर्षीय लड़की की रीढ़ की हड्डी के मध्य भाग (डॉर्सल कॉर्ड) से नौ इंच लंबी सिस्ट निकालकर इतिहास रचने वाले वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ.प्रकाश खेतान ने इस ऑपरेशन को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज कराएंगे। अति संवेदनशील ऑपरेशन 11 घंटे में पूरा हुआ था।
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बृहस्पतिवार को इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के धन्वंतरी सभागार में प्रेसवार्ता के दौरान डॉ.प्रकाश खेतान ने दावा किया कि अभी तक मेडिकल साइंस के इतिहास में इस प्रकार का ऑपरेशन नहीं हुआ है। मध्य प्रदेश के जिला सतना निवासी परी सिंह को आठ वर्ष की आयु से हाथ-पैर में कमजोरी की शिकायत थी। कुछ वर्ष बाद समस्या बढ़ती गई। इस दौरान परिजनों ने बच्ची को कई जगह दिखाया, पर कोई लाभ नहीं मिला। 12 वर्ष की आयु में उसके पैर ने काम करना बंद कर दिया।
डॉ. खेतान ने बताया कि इस प्रकार की समस्या दस लाख में से किसी एक को होती है। विदित हो कि वर्ष 2012 में ब्रेन से 296 सिस्ट निकालने पर डॉ.खेतान का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में है।
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सिस्ट क्या है
शरीर के ऊतकों में तरल, मवाद या गैस से भरी थैलीनुमा संरचना को सिस्ट कहते हैं। यह एक विकृत ढांचा होता है। ज्यादातर सिस्ट शरीर में बिना किसी नुकसान के रह सकती है। सिस्ट को गांठ या पुटि भी कहते हैं।