सिविल लाइंस के होटल कारोबारी अनुराग संत के अपहरण में शनिवार को एक और आरोपी मोहित यादव उर्फ गांधी को जेल भेज दिया गया। मोहित को दो दिन पहले सिविल लाइंस में सपा के धरना स्थल से पुलिस ने उठाया था। पुलिस ने उसके मोबाइल कॉल डीटेल्स और लोकेशन के आधार पर शनिवार को उसे नामजद किया था। पुलिस का कहना है कि अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
राजरूपपुर के रहने वाले कारोबारी अनुराग संत का 28 अक्तूबर को सिविल लाइंस से अपहरण कर लिया गया था। इस मामले में संजीव पुरुषार्थी, मनीष राय, शुभम कुमार, सक्षम पांडेय को नामजद किया गया था। करीब दस से 15 अज्ञात के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज हुआ था। दो दिन पहले सपा के बेरोजगारी के खिलाफ धरना प्रदर्शन में अनुराग को मोहित यादव उर्फ गांधी नारे लगाता दिखा। उनकी सूचना पर पुलिस ने मोहित को पकड़ लिया। अनुराग का आरोप था कि मोहित ने उन्हें कार्बाइन की बट से पीटा था।
जबकि, मोहित ने कहा था कि वह उस दिन लखनऊ में था। पुलिस ने दो दिन जांच के बाद शनिवार को मोहित को जेल भेज दिया। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस ने बताया कि उसकी लोकेशन घटना के समय सिविल लाइंस में थी। मोबाइल कॉल डीटेल्स से भी सुबूत मिलने के बाद उसे अपहरण में नामजद किया गया। मोहित के खिलाफ दारागंज थाने में गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। इंस्पेक्टर ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से कई बातों का पता चला है, उसके आधार पर जांच की जा रही है।