जिला अदालत ने अपहरण और दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में आरोपी को बरी कर दिया। वहीं, झूठा मुकदमा दर्ज कराने वाली महिला के खिलाफ नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न न्यायालय में झूठे बयान के लिए उस पर कार्रवाई की जाए।
जिला अदालत ने अपहरण और दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में आरोपी को बरी कर दिया। वहीं, झूठा मुकदमा दर्ज कराने वाली महिला के खिलाफ नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न न्यायालय में झूठे बयान के लिए उस पर कार्रवाई की जाए। यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश(एफटीसी) सीमा सिंह-प्रथम ने दिया।
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फतेहपुर के थाना खागा के सलेमपुर निवासी आरोपी लाल सिंह यादव के खिलाफ तीन जून 2017 को थाना नैनी में अपहरण और दुष्कर्म के मामले में एक युवती की मां ने मुकदमा दर्ज कराया था। युवती ने कोर्ट में बयान दिया कि आरोपी जबरदस्ती उसे अपने साथ बाराबंकी ले गया। वहां कमरे में बंद करके रखा और दुष्कर्म किया।
कोर्ट में ट्रायल के दौरान युवती अपने बयान से मुकर गई और उसने कहा कि मेरे साथ ऐसा कुछ नहीं हुआ था। मैंने बदनामी के डर और दबाव में कोर्ट में झूठा बयान दिया था। कोर्ट ने युवती को झूठा बयान दर्ज कराने के मामले में नोटिस जारी करने का आदेश देते हुए पूछा कि मिथ्या साक्ष्य देने के मामले में क्यों न विचारण कर दंडित किया जाए।