प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भगवान राम और अयोध्या में निर्माणाधीन श्रीराम मंदिर को लेकर फेसबुक पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोपी शाहजहांपुर के संदीप प्रताप मौर्र्य को राहत देते हुए उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने याची के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी रद्द करने से इनकार कर दिया तथा प्रदेश सरकार से इस मामले में जवाब मांगा है।
संदीप प्रताप मौर्य की याचिका पर न्यायमूर्ति मनोज मिश्र और न्यायमूर्ति एसडी सिंह की पीठ ने सुनवाई की। याची के विरुद्ध शाहजहांपुर के परौर थाने में धार्मिक भावनाओं को आहत करने और आईटी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि संदीप प्रताप मौर्य ने अपनी फेसबुक आईडी ने 11 अगस्त 2020 को धार्मिक भावनाओं को भड़काने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की नीयत से भगवान श्रीराम और श्री राम मंदिर के विषय में आपत्तिजनक पोस्ट डाली।
याची के अधिवक्ता गौरव गुप्ता का कहना था कि जिस फेसबुक पोस्ट के आधार पर यह मुकदमा दर्ज किया गया है, उससे किसी संज्ञेय अपराध का होना प्रतीत नहीं होता है। याची ने जो टिप्पणियां की हैं, वह उसके अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार के तहत आती हैं। मामले के तथ्यों और साक्ष्यों को देखते हुुए कोर्ट ने प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर 25 नवंबर तक जवाब मांगा है तथा अगली सुनवाई या पुलिस रिपोर्ट दाखिल होने तक याची को गिरफ्तार नहीं करने का आदेश दिया है।