श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी सोम गिरि उर्फ पायलट बाबा की मौत पर नए खुलासे से खलबली मच गई है। ब्रह्मलीन होने के चार महीने बाद मौत की घटना हत्या में तब्दील की गई है।
इसमें पायलट बाबा के करीबी शिष्यों को ही नामजद किया गया है। दरअसल, पायलट बाबा की मौत के चार महीने बाद उनके पोते अभिषेक कुमार सिंह की तहरीर पर छह लोगों के खिलाफ हत्या का केस सासाराम मुफस्सिल थाने में दर्ज कराया गया है। प्राथमिकी में बाबा के भंडारी विकास कुमार को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है।
इसके अलावा दिल्ली के चंद्रकला पांडेय व महामंडलेश्वर चेतना गिरि, सासाराम के अमर अनिल सिंह, अजय कुमार सिंह, मध्यप्रदेश के जयप्रकाश पांडेय का नाम है। खास बात यह है कि चेतन गिरि समेत कई नामजद शिष्य-शिष्याओं के कॉटेज यहां बनाए जा रहे हैं।
नया ट्रस्ट बनाकर संपत्ति बेचने का आरोप
जिन लोगों के खिलाफ के दर्ज किया गया है, उन पर नया ट्रस्ट बनाकर संपत्ति बेचने का आरोप है। रोहतास जिले के विशुनपुरा निवासी अभिषेक कुमार सिंह ने आरोप लगाया है कि इलाज के बहाने सासाराम स्थित धाम से चार दिसंबर 2023 को पायलट बाबा को दिल्ली ले जाया गया था, जहां षडयंत्र के तहत गलत दवा देकर मार डाला गया।