रानीगंज कैथोला में जेसीबी से दबकर युवक की मौत पर हाईवे पर जाम लगाए ग्रामीण।
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जेसीबी की चपेट में आने से युवक की मौजत हो गई। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए हाइवे पर जाम लगा दिया। दो घंटे बाद सीओ के समझाने पर ग्रामीण जाम हटाने के लिए तैयार हुए। मृतक बकाया पैसा मांगने के लिए जेसीबी मालिक के पास गया था। मामला शांत होने पर पुलिस ने शव को कब्जेे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
लालगंज कोतवाली के छोटी पयागीपुर निवासी विपिन सरोज(18) पुत्र श्रीनाथ सरोज कुंडा इलाके के एक व्यवसायी की जेसीबी मशीन चलाता था। उसकी जेसीबी मशीन बुधवार को पड़ोस के गांव नारायनपुर में चल रही थी। इसकी जानकारी पर विपिन अचानक वहां चला गया। यहां संदिग्ध परिस्थिति में जेसीबी के नीचे आ जाने से उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी पर परिजन मौके पर पहुंचे और जेसीबी मालिक के इशारे पर चालक द्वारा मशीन चढ़ाकर हत्या का आरोप लगाने लगे।
परिजनों का आरोप है कि जेसीबी पर काम करने का बीस हजार रुपये बकाया मांगने के लिए विपिन मालिक के पास गया था। आरोप है कि बकाया न देना पड़े इसलिए उस पर जेसीबी चढ़ा दी गई। पुलिस के साथ परिजन शव लेकर कोतवाली आ गए। थोड़ी देर बाद मृतक के परिजन व ग्रामीण लखनऊ-वाराणसी हाइवे पर स्थित रानीगंजकैथौला चौकी पहुंच गए। लोगों ने अपराह्न साढ़े तीन बजे हाइवे पर स्थित पुलिस चौकी के सामने जाम लगा दिया। इससे सडक़ के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
जाम लगाए परिजन व ग्रामीणों की मांग थी कि मृतक के आश्रितों को 50 लाख की आर्थिक सहायता, पांच बीघा जमीन, शस्त्र लाइसेंस व एक सदस्य को नौकरी दी जाए। मांग को लेकर दो घंटे तक ग्रामीण प्रदर्शन करते रहे। सूचना पर सीओ रमेशचंद्र मौके पर पहुंचे और मांगें पूरी कराने का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया।
जिसके बाद जाम खत्म हुआ और दो घंटे से ठप आवागमन हाइवे पर शुरू हो सका। खबर लिखे जाने तक मामले की तहरीर नहीं दी गई थी। इस बारे में कोतवाल ने बताया कि परिजनों की तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। परिजन जो आरोप लगा रहे हैं, उसकी जांच कराई जा रही है। जांच के बाद जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।