साथी से अभद्रता की जानकारी पर अधिवक्ता आक्रोशित हो उठे और उन्होंने मेयोहाल चौराहे पर जाम लगा दिया। चार घंटे तक प्रदर्शन चलता रहा, बाद में बहुत समझाने पर अधिवक्ता माने। उधर, देर रात आरोपी को छोड़ दिया गया। एसीपी सोरांव शैलेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की गई तो उसका कहना था कि वह मौके पर मौजूद नहीं था, उसे फर्जी फंसाया गया है।
हत्या के प्रयास के जिस आरोपी को पकड़ने पर एक दिन पहले मेयोहाल चौराहे पर जमकर हंगामा हुआ, उसे पुलिस ने छोड़ दिया है। इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि, पुलिस अफसरों का कहना है कि संलिप्तता की जांच व साक्ष्य संकलन के बाद कार्रवाई होगी।
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मामला होलागढ़ से संबंधित है। यहां 27 जून को हुई हत्या के प्रयास की वारदात में राहुल पांडेय को भी नामजद किया गया था। इसी मामले में आरोपी को मेयोहाल चौराहे के पास से सोमवार को एसओजी ने पकड़ा था। इस दौरान एक अधिवक्ता ने एसओजी के जवानों पर अभद्रता व धक्कामुक्की का आरोप लगाया तो हंगामा हो गया।
साथी से अभद्रता की जानकारी पर अधिवक्ता आक्रोशित हो उठे और उन्होंने मेयोहाल चौराहे पर जाम लगा दिया। चार घंटे तक प्रदर्शन चलता रहा, बाद में बहुत समझाने पर अधिवक्ता माने। उधर, देर रात आरोपी को छोड़ दिया गया। एसीपी सोरांव शैलेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की गई तो उसका कहना था कि वह मौके पर मौजूद नहीं था, उसे फर्जी फंसाया गया है।
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ऐसे में संलिप्तता की जांच करने तक उसे छोड़ दिया गया है। साक्ष्य मिलते हैं तो कार्रवाई की जाएगी। उधर, पुलिस की कार्रवाई से सवाल भी उठ रहे हैं। सवाल यह है कि अगर आरोपी के खिलाफ साक्ष्य नहीं मिले थे तो महज नामजदगी के आधार पर उसे पकड़ा क्यों गया।