इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड के आरोपी नासिर जमाल को सशर्त जमानत दी है। कोर्ट ने कहा आरोपी का नाम प्राथमिकी में नहीं था। गवाह के बयान में पहली बार उसका नाम सामने आया। अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी घटनास्थल पर मौजूद था, लेकिन उसने हमला नहीं किया। इसके अलावा घटनाक्रम में आरोपी के खिलाफ कोई विशिष्ट या मुख्य भूमिका भी तय नहीं की गई थी। इन तथ्यों को देखते हुए कोर्ट ने जमानत अर्जी स्वीकार कर ली। यह आदेश न्यायमूर्ति समीर जैन की एकल पीठ ने दिया।
प्रयागराज के करेली थाने में आठ अप्रैल 2026 को गोली मारकर प्रॉपर्टी डीलर की हत्या करने के मामले में पुलिस ने नासिर जमाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। जेल में बंद आरोपी याची ने हाईकोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दायर की। याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि प्राथमिकी में उसका नाम नहीं था। कथित चश्मदीद ने विवेचना के दौरान पुलिस को दिए बयान में भी उसका नाम नहीं लिया था। मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान में पहली बार आरोपी का नाम सामने आया। हालांकि, गवाह ने गोली मारने की भूमिका सह-आरोपी की बताई थी।
कोर्ट ने पाया कि इसी मामले में आरोपी बनाए गए सह-आरोपी अरबाज खान को पहले ही जमानत मिल चुकी है। नासिर के खिलाफ सात पुराने आपराधिक मामले भी थे, लेकिन उनमें से पांच में वह बरी हो चुका था और सभी मामले वर्ष 2010 तक के थे। वह 23 जून 2026 से जेल में बंद था। कोर्ट ने मामले के तथ्यों और जेल में बिताई अवधि को देखते हुए जमानत अर्जी मंजूर कर ली।