इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हत्या के प्रयास के मामले में जेल में बंद आरोपी को जमानत दे दी। यह आदेश न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह की एकल पीठ ने अविरल उर्फ अभिलाल की जमानत अर्जी पर दिया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हत्या के प्रयास के मामले में जेल में बंद आरोपी को जमानत दे दी। यह आदेश न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह की एकल पीठ ने अविरल उर्फ अभिलाल की जमानत अर्जी पर दिया। अविरल के खिलाफ दारागंज थाने में हत्या के प्रयास के मामले में एफआईआर दर्ज है।
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बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दलील दी कि आरोपी का नाम एफआईआर में नहीं है। आरोपी की पहचान दूसरे मामले में गिरफ्तारी के बाद उसकी तस्वीर दिखाकर कराई गई, जबकि घटना के वक्त हमलावर हेलमेट और स्कार्फ से चेहरा ढके थे। ऐसे में पहचान की विश्वसनीयता पर सवाल उठता है। सह-आरोपी को इसी मामले में हाईकोर्ट पहले ही जमानत मिल चुकी है। वहीं, शासकीय अधिवक्ता ने जमानत का विरोध करते हुए दलील दी कि आरोपी की संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। इसलिए उसे राहत नहीं दी जानी चाहिए।
कोर्ट ने आरोपी को निजी मुचलके और दो जमानतदार प्रस्तुत करने पर रिहा करने का निर्देश दिया। साथ ही शर्त लगाई कि वह सुनवाई के दौरान अनावश्यक स्थगन नहीं मांगेगा। प्रत्येक तारीख पर उपस्थित रहेगा और जमानत की शर्तों का उल्लंघन नहीं करेगा।