नैनी पुलिस की अभिरक्षा से बुधवार दोपहर को एक अभियुक्त भाग निकला। अभियुक्त को नैनी पुलिस के सिपाही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चाका में चिकित्सीय परीक्षण के लिए लाए थे। इस दौरान वह अस्पताल की चहारदीवारी फांदकर वहां से भाग निकला। इसके बाद उसे लेकर आए सिपाहियों के हाथ पैर फूल गए। सूचना पर नैनी इंस्पेक्टर भी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। लेकिन उसके पहले ही सिपाहियों ने अभियुक्त को अस्पताल से कुछ दूर दौड़ाकर पकड़ लिया था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश के सहडोर बाल सागर निवासी अजय सिंह गौर को नैनी पुलिस ने मंगलवार सुबह चाका ब्लाक के पास से चोरी के मोबाइल के साथ पकड़ा था। नैनी पुलिस बुधवार को न्यायालय में पेश करने से पहले अभियुक्त का चिकित्सीय परीक्षण कराने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चाका लेकर आई थी। नैनी कोतवाली के दो सिपाही, दो होमगार्ड बाइक से उसे लेकर आए थे। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो सीएचसी में स्वास्थ्य परीक्षण के बाद अजय बाहर निकला और गाड़ी में बैठते समय मौका देख दीवार फांदकर भागने लगा।
सिपाहियों ने पीछा करना शुरू किया लेकिन वह दीवार को नहीं फांद सके। लेकिन इसमें से एक सिपाही गेट से बाहर निकला और अजय के पीछे लग गया। बदहवास हालत में सिपाही को दौड़ता देख बाजार में लोग भौचक्के रह गए। कुछ दूर जाने पर अभियुक्त को सिपाही ने पकड़ लिया। बताए हैं कि अभियुक्त ने दो कपड़े पहन रखे थे। उसने एक को उतार दिया था। बावजूद इसके सिपाही ने उसे पकड़ लिया। उधर, सूचना पाकर कोतवाल सुनील बाजपेई भी दलबल के साथ वहां पहुंच गए। कोतवाल ने घटना से इंकार करते हुए कहा कि कोई भी नहीं भागा है। अभियुक्त पेशाब करने गया था, इस दौरान किसी ने हल्ला मचा दिया कि वह भागा है। संवाद