अलग सड़क हादसों में हाईस्कूल के एक छात्र समेत दो लड़कों की जान चली गई। मेजा इलाके में अंतिम संस्कार से अपने दोस्त के साथ घर लौट रहे छात्र को मिर्जापुर मार्ग पर मिनी बस ने चपेट में ले लिया। उधर, होलागढ़ इलाके में साइकिल सवार दस साल के बालक की ट्रैक्टर ने जान ले ली। इन दोनों मामले में पुलिस ने मुकदमा लिखा है लेकिन गाडी चालक मौके से भागने में कामयाब रहे।
पहली घटना में मेजा के कोटहा गांव निवासी पारसनाथ आदिवासी के तीन बेटों में सबसे छोटा उदयकांत (18) रामकिशोर इंटर कॉलेज में दसवीं का छात्र था। वह बृहस्पतिवार को छोटू (17) के साथ बाइक से एक अंत्येष्टि में शामिल होने सिरसा के छतवा गंगा घाट पर गया था। वहां से लौटते वक्त वे दोनों घर के करीब मिर्जापुर मार्ग पर विसहिजन कला गांव के सामने पहुंचे तभी पीछे से तेज रफ्तार मिनी बस ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। छोटू और उदयकांत सड़क पर जा छिटके। उनकी बाइक मिनी बस में फंस गई। हादसे में उदयकांत की मौके पर ही मौत हो गई। छोटू भी गंभीर रूप से घायल हुआ।
दुर्घटना की खबर पाकर मौके पर पहुंचे मेजारोड चौकी इंचार्ज अवध विहारी शुक्ल ने जख्मी छोटू को इलाज के लिए शहर भेज दिया। इस घटना से उदयकांत के घर में कोहराम मचा है। सूचना पाकर एसडीएम डॉ. विपिन मिश्र, सीओ राजबीर सिंह, एसओ आदित्य सिंह भी घटनास्थल पर पहुंच गए थे। परिजनों से पता चला कि कोटहा गांव के शिवसरन की सास सेरसा देवी की गुरुवार को मौत हो गई थी। उदयकांत उसकी ही अंत्येष्टि में शामिल होने गया था मगर खुद मौत के मुंह में समा गया। दुखद हादसे ने परिजनों के साथ ही ग्रामीणों को भी गमगीन कर दिया।
दूसरी घटना होलागढ़ इलाके में हुई।
बरामऊ गांव निवासी रामू पासी का देहांत हो चुका है। उसका पुत्र महेश (10) बृहस्पतिवार दोपहर बाद अपनी मां को लेने के लिए साइकिल से जा रहा था तभी उसे कस्तूरीपुर हरिकिशन गांव के पास आलू लदे ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी। सिर पर गहरी चोट की वजह से वहीं उसकी मौत हो गई। वहां भीड़ जुटने लगी तो ड्राइवर ट्रैक्टर छोड़कर भाग गया। दो भाई और एक बहन में सबसे छोटा महेश कक्षा चार का छात्र था। पिता की मौत के बाद वह मां मालती के साथ घर और खेती का काम भी संभालता था। मगर पति के बाद अब बेटे की भी हादसे में मौत ने मालती को गहरे सदमे में डुबो दिया है।