सामाजिक न्याय और आरक्षण
उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय और सहकारी बैंकों की भर्ती का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार जानबूझकर आरक्षण की व्यवस्था का पालन नहीं कर रही। “यह संविधान और सामाजिक न्याय के साथ खिलवाड़ है। शिक्षा मित्र, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पुरानी पेंशन बहाली की मांग करने वाले लोग और मनरेगा मजदूर—सभी को इस यात्रा में शामिल होना चाहिए।”
कानून-व्यवस्था और बुलडोज़र राजनीति
संजय सिंह ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है। “बुलडोज़र बाबा की राजनीति से जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाया जा रहा है। हॉकी खिलाड़ी मोहम्मद शाहिद के घर पर बुलडोज़र चलाना इसका ताजा उदाहरण है।” उन्होंने आरोप लगाया कि सांप्रदायिक माहौल बनाकर भाजपा जनता को बेरोजगारी और अन्याय से जुड़े सवाल पूछने से रोकना चाहती है।
महिला सुरक्षा पर सवाल
आप सांसद ने कहा कि सरकार का “मिशन शक्ति” अभियान केवल दिखावा है। “जब महिला सिपाही और महिला जज तक असुरक्षित हैं और सुरक्षा के लिए चिट्ठियां लिखने को मजबूर हैं, तब यह अभियान नाटक से ज्यादा कुछ नहीं।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं पर कार्रवाई नहीं होती जबकि आम लोगों पर सख्ती होती है।