रोहित बोले-मुझे वो वक्त याद आ गया जब मेरे बच्चे की जान खतरे में थी
रोहित ने बताया कि जब उन्होंने महिला को सड़क पर बच्ची को जन्म देते देखा तो उन्हें अपने पहले बच्चे की याद आ गई, जो बहुत मुश्किल परिस्थितियों में पैदा हुआ था। मुश्किलों के बाद उसकी जान बची थी। ऐसे में बिना देरी किए उन्होंने मदद का निर्णय लिया और जच्चा-बच्चा को अस्पताल पहुंचाया। दूसरी ओर अस्पताल में डॉक्टरों ने बताया कि समय पर पहुंचने की वजह से जच्चा-बच्चा की जान बच गई। अस्पताल पहुंचने पर धर्मराज ने भी भावुक मन से हेड कांस्टेबल का आभार जताया।