कोखराज टोल प्लाजा पर शुक्रवार को हुए भीषण अग्निकांड के दूसरे दिन तबाही के निशान हर तरफ बिखरे मिले। जले कंप्यूटर, सीसीटीवी कैमरे, एसी, इलेक्ट्रिक उपकरण, झुलसे पेड़-पौधे और मृत पड़े कबूतर हादसे की भयावहता बयां कर रहे थे। टोल कर्मचारियों के अनुसार गैस रिसाव शुरू होने के महज दो मिनट के भीतर पूरा टोल प्लाजा आग का गोला बन गया था।
हादसे के बाद भी टोल प्लाजा के सभी बूथों के भीतर जले हुए उपकरण पड़े थे। आग की लपटों से आसपास लगे हरे-भरे पौधे भी पूरी तरह झुलस चुके थे। टोल प्लाजा की छत पर घोंसला बनाकर रहने वाले कई कबूतरों के शव पड़े थे, जिन्हें कौवे नोचते दिखाई दिए।
टोल कर्मचारियों ने बताया कि हादसे का वीडियो देखने पर पता चला कि सुबह 6:35 बजे गैस से भरे टैंकर से रिसाव शुरू हुआ और 6:37 बजे पूरा टोल प्लाजा आग की लपटों में घिर गया। कर्मचारियों के मुताबिक किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला और हर कोई जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगा।
टोलकर्मी ने बताया कि हादसे के समय बिजली आपूर्ति बंद थी और टोल प्लाजा का ऑटोमेटिक जनरेटर चल रहा था। आशंका है कि जनरेटर के साइलेंसर से निकली चिंगारी गैस के संपर्क में आते ही आग भड़क गई।